16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या उत्तर प्रदेश के संभल के बच्चों ने आईआईटी बॉम्बे तक उड़ान भर कर इतिहास रच दिया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या उत्तर प्रदेश के संभल के बच्चों ने आईआईटी बॉम्बे तक उड़ान भर कर इतिहास रच दिया?

सारांश

संभल के सरकारी स्कूल के बच्चों ने आईआईटी बॉम्बे में तकनीकी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर एक नई उपलब्धि हासिल की है। यह साबित करता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद, प्रतिभा और मेहनत का कोई मोल नहीं होता।

मुख्य बातें

संभल के बच्चों ने आईआईटी बॉम्बे में अपनी प्रतिभा साबित की।
रोबोटिक्स प्रतियोगिताओं में भाग लेने से मिली पहचान।
योगी आदित्यनाथ की शिक्षा नीतियों का सकारात्मक प्रभाव।
सीमित संसाधनों में भी सफलता की कहानी।
समान अवसरों से मिली नई दिशा।

संभल, 26 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के संभल स्थित सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत परिषदीय पृष्ठभूमि के बच्चों ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसे पहले बड़े और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों तक ही सीमित माना जाता था। इन विद्यार्थियों ने आईआईटी बॉम्बे के टेकफेस्ट 2025 में भाग लेकर तकनीकी उत्कृष्टता का एक सशक्त उदाहरण पेश किया है।

सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षित संभल के विद्यार्थियों ने एशिया के प्रतिष्ठित विज्ञान और तकनीकी महोत्सव टेकफेस्ट 2025 में कोज्मोक्लेंच और मेसमराइज जैसी जटिल रोबोटिक्स प्रतियोगिताओं में भाग लिया। कक्षा 4 से 9 तक के इन छात्रों ने देशभर के बीटेक विद्यार्थियों की 250 से अधिक टीमों को सीधी चुनौती दी। उनके तकनीकी कौशल और नवाचार क्षमता से प्रभावित होकर आईआईटी बॉम्बे ने इन्हें तकनीकी उत्कृष्टता के लिए विशेष प्रशंसा तथा उत्कृष्टता प्रमाण पत्र से सम्मानित किया।

यह उपलब्धि यह साबित करती है कि परिषदीय विद्यालयों के छात्र भी उच्च स्तरीय तकनीकी मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद, इन बच्चों ने रोबोटिक्स जैसी जटिल विधाओं में अपनी दक्षता दिखाई और इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों के समक्ष कड़ी प्रतिस्पर्धा प्रस्तुत की। इस सफलता के पीछे योगी आदित्यनाथ की सरकार के शिक्षा सुधारों की स्पष्ट भूमिका दिखाई देती है। एसटीईएम शिक्षा पर विशेष ध्यान, समान अवसर और जमीनी स्तर पर प्रशासनिक सहयोग ने इन विद्यार्थियों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर प्रदान किया।

जिलाधिकारी डॉ राजेन्द्र पैंसिया के संरक्षण में चयनित 11 मेधावी छात्र, जिनमें बालिकाएं, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी भी शामिल थे, शिक्षक दल के साथ मुंबई पहुंचे। बेसिक शिक्षा अधिकारी अलका शर्मा ने बताया कि ये विद्यार्थी इससे पहले आईआईटी दिल्ली और आईआईटी कानपुर में भी पुरस्कृत हो चुके हैं। अब आईआईटी बॉम्बे में दो रोबोटिक्स प्रतियोगिताओं में सम्मान प्राप्त कर संभल ने शिक्षा और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ा है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षा नीति गांव देहात की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में सफल हो रही है।

-- राष्ट्र प्रेस

विकेटी/एएसएच

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तर प्रदेश के शिक्षा प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह दर्शाता है कि सकारात्मक नीतियों और अवसरों की समानता से प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संभल के बच्चों ने कौन सी स्पर्धाओं में भाग लिया?
संभल के बच्चों ने आईआईटी बॉम्बे के टेकफेस्ट 2025 में कोज्मोक्लेंच और मेसमराइज जैसी जटिल रोबोटिक्स स्पर्धाओं में भाग लिया।
इन बच्चों को किसने प्रशिक्षित किया?
इन बच्चों को सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षित किया गया।
इनकी सफलता का क्या महत्व है?
यह सफलता यह दर्शाती है कि परिषदीय विद्यालयों के छात्र भी उच्च स्तरीय तकनीकी मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने में सक्षम हैं।
इन बच्चों को किस प्रकार का सम्मान मिला?
आईआईटी बॉम्बे ने इन विद्यार्थियों को तकनीकी उत्कृष्टता के लिए विशेष प्रशंसा और उत्कृष्टता प्रमाण पत्र से सम्मानित किया।
इस उपलब्धि के पीछे कौन सी सरकार की भूमिका है?
इस उपलब्धि के पीछे योगी आदित्यनाथ की सरकार के शिक्षा सुधारों की स्पष्ट भूमिका है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले