क्या संबित पात्रा ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए, ममता बनर्जी को घेरा?
सारांश
Key Takeaways
- भ्रष्टाचार के मामले में ईडी की रेड में हस्तक्षेप का आरोप।
- ममता बनर्जी ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की।
- बंगाल की जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने के लिए तैयार।
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं लोकसभा सांसद डॉ संबित पात्रा ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के मामले में ईडी की रेड के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा रेड में व्यवधान उत्पन्न करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के प्रयास पर हमला बोला।
डॉ. पात्रा ने कहा कि ममता बनर्जी ने बंगाल को ऐसा बना दिया है जैसे यह भारत के कानून से बाहर का कोई अलग क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बंगाल की जनता लोकतांत्रिक तरीकों से ममता बनर्जी के अराजक शासन का जवाब देगी और उनके खिलाफ मजबूती से खड़ी होगी।
संबित पात्रा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिस तरह से सरकारी कामकाज में ममता बनर्जी ने दखल दिया है, वह देश के हर घर ने मीडिया के माध्यम से देखा है। भारत में शायद पहली बार ऐसा हो रहा है कि जब ईडी ने भ्रष्टाचार के मामले में रेड की हो, तब मुख्यमंत्री वहाँ जाकर सबूत मिटाने का प्रयास कर रही हों।
उन्होंने कहा कि 2020 में सीबीआई का एक मामला था जो राज्य में लीज होल्ड जमीन से निकाले जाने वाले कोयले की अवैध तस्करी से संबंधित था, जिसमें बड़ा घोटाला और हवाला लेनदेन शामिल था। उसी मामले में आज प्रवर्तन निदेशालय ने देश के 10 स्थानों पर छापेमारी की, जिनमें 6 स्थान बंगाल में और 4 स्थान दिल्ली में थे।
डॉ पात्रा ने कहा कि हवाला के माध्यम से धन को आगे भेजा जाता था और इसी क्रम में एक कंपनी, जिसका नाम आई-पैक है, उसके परिसरों पर भी बंगाल में छापा पड़ा। जब आई-पैक के कार्यालय में छापेमारी चल रही थी, तब कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वहां पहुंचे और उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों से छापेमारी की प्रामाणिकता को लेकर सत्यापन किया।
उन्होंने कहा कि इसी दौरान अचानक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंगाल पुलिस के साथ आई-पैक के कार्यालय पहुंची और वहां से कागजात, पेन ड्राइव, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य अपने साथ ले गईं। ऐसा दृश्य शायद हिन्दी फिल्म में भी नहीं देखा गया है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि प्रतीक जैन, जो आई-पैक का संचालन करता है, के घर और आई-पैक के परिसरों में भी छापेमारी हुई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वहां जाकर व्यवधान उत्पन्न किया और इलेक्ट्रॉनिक तथा भौतिक साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की। यह घटनाक्रम साफ संकेत देता है कि ममता बनर्जी के पास छिपाने के लिए बहुत कुछ है।
उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2025 में ममता बनर्जी सरकार के मंत्री और विधायक मदन मित्रा ने आई-पैक से जुड़े लोगों को भ्रष्ट बताया था। जब सत्तारूढ़ दल के अपने नेता ही आई-पैक पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हों, तो मुख्यमंत्री का वहां पहुंचकर साक्ष्य उठाकर ले जाना बेहद शर्मनाक है।
डॉ संबित पात्रा ने कहा कि क्या ममता बनर्जी ने बंगाल को ऐसा बना दिया है कि वह भारत के कानून से बाहर कोई अलग क्षेत्र है? क्या ममता बनर्जी बंगाल को भारत से काटने की कोशिश कर रही हैं? यह सवाल बिल्कुल जायज है, और हर बंगाली को इस पर सोचना चाहिए कि कब तक यह माफिया राज चलेगा।
उन्होंने कहा कि जनता जनार्दन सब कुछ समझती है और भ्रष्टाचार के लिए कोई सहानुभूति नहीं होती। आने वाले दिनों में बंगाल की जनता लोकतांत्रिक तरीकों से ममता बनर्जी के अराजक शासन का जवाब देगी।