क्या संगम की रेत पर आध्यात्मिक लक्जरी का नया अनुभव दे रही है आधुनिक टेंट सिटी?

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क्या संगम की रेत पर आध्यात्मिक लक्जरी का नया अनुभव दे रही है आधुनिक टेंट सिटी?

सारांश

प्रयागराज में संगम तट पर विकसित की गई आधुनिक टेंट सिटी श्रद्धालुओं को एक नई आध्यात्मिक यात्रा का अनुभव प्रदान कर रही है। यह टेंट सिटी न केवल धार्मिक आस्था के लिए, बल्कि रोजगार और संस्कृति को भी जोड़ने का कार्य कर रही है।

Key Takeaways

  • प्रयागराज के संगम तट पर आधुनिक टेंट सिटी का विकास।
  • तीन श्रेणियों में कॉटेज उपलब्ध हैं।
  • सात्विक भोजन की व्यवस्था की गई है।
  • धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
  • स्थानीय कला और रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

लखनऊ, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मकर संक्रांति और माघ मेला 2026 के अवसर पर प्रयागराज के संगम तट पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त टेंट सिटी विकसित की गई है, जो आध्यात्मिक पर्यटन का नया मानक स्थापित कर रही है।

उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) द्वारा संगम क्षेत्र की रेत पर अत्याधुनिक टेंट कॉलोनी का निर्माण किया गया है, जिसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार अनुभव प्रदान करना है। पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दृष्टि के अनुसार यह टेंट सिटी माघ मेला को केवल आस्था का आयोजन नहीं, बल्कि पर्यटन, संस्कृति और रोजगार से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बना रही है।

प्रयागराज के अरैल सेक्टर-7 में त्रिवेणी पुष्प से पूर्व विकसित टेंट कॉलोनी में कुल 50 आधुनिक कॉटेज बनाए गए हैं। श्रद्धालु इन कॉटेज की ऑनलाइन बुकिंग यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट के माध्यम से कर सकते हैं। टेंट सिटी को तीन श्रेणियों- प्रीमियम, लग्जरी और डीलक्स में विभाजित किया गया है।

प्रीमियम कॉटेज का किराया 15 हजार रुपये, लग्जरी का 11 हजार 500 रुपये और डीलक्स कॉटेज का किराया 7 हजार 500 रुपये निर्धारित किया गया है। इन कॉटेज में क्रमशः 12 प्रीमियम, 8 लग्जरी और 30 डीलक्स टेंट शामिल हैं। पर्यटन मंत्री ने बताया कि टेंट सिटी में ठहरने वाले श्रद्धालुओं को उसी शुल्क में सात्विक भोजन की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।

इस परिसर में यज्ञशालाओं का निर्माण भी किया गया है, जहां नियमित रूप से भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, सांस्कृतिक वातावरण को जीवंत रखने के लिए कलाग्राम भी विकसित किया गया है, जहां स्थानीय लोककला और शिल्प को बढ़ावा दिया जा रहा है।

जयवीर सिंह ने कहा कि माघ मेला 2026 में रोजगार और नवाचार को विशेष बढ़ावा मिल रहा है। संगम टेंट कॉलोनी परिसर में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत प्रदर्शनी लगाई गई है, जहां प्रयागराज की पारंपरिक मूंज कला के स्टॉल लगाए गए हैं। इससे स्थानीय कारीगरों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि माघ मेला अब केवल आध्यात्मिक पहचान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उद्यमियों और हस्तशिल्पियों के लिए एक बड़े व्यावसायिक मंच के रूप में उभर रहा है।

देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु मूंज से बने डलिया, पेन स्टैंड, रोटी रखने के बर्तन, गमले और सजावटी उत्पादों को विशेष रूप से पसंद कर रहे हैं। नैनी क्षेत्र के महेवा इलाके की यह पारंपरिक कला, जिसे वर्षों से स्थानीय कारीगर आगे बढ़ा रहे हैं, अब आधुनिक स्वरूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि प्रदेश का हर बड़ा आयोजन आस्था के साथ-साथ रोजगार, पर्यटन और स्थानीय कला को सशक्त करे। संगम टेंट सिटी इस सोच का सजीव उदाहरण है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ साथ भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक वातावरण का अनूठा अनुभव श्रद्धालुओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि माघ मेला 2026 प्रदेश के सांस्कृतिक वैभव और आर्थिक संभावनाओं को एक साथ आगे बढ़ाता हुआ दिखाई दे रहा है।

Point of View

बल्कि यह स्थानीय कला और रोजगार को भी बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस प्रकार के आयोजन से प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है।
NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

टेंट सिटी में कॉटेज की कितनी श्रेणियाँ हैं?
टेंट सिटी में तीन श्रेणियाँ हैं - प्रीमियम, लग्जरी और डीलक्स।
टेंट सिटी में ठहरने का किराया क्या है?
प्रीमियम कॉटेज का किराया 15 हजार रुपये, लग्जरी का 11 हजार 500 रुपये और डीलक्स का 7 हजार 500 रुपये है।
क्या टेंट सिटी में भोजन की व्यवस्था है?
हाँ, टेंट सिटी में ठहरने वाले श्रद्धालुओं के लिए सात्विक भोजन की व्यवस्था उपलब्ध है।
टेंट सिटी में क्या विशेष कार्यक्रम होते हैं?
टेंट सिटी में नियमित रूप से भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।
क्या यहाँ स्थानीय कला को बढ़ावा दिया जा रहा है?
जी हाँ, टेंट सिटी में स्थानीय लोककला और शिल्प को बढ़ावा देने के लिए कलाग्राम भी विकसित किया गया है।
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