क्या गुजरात के वलसाड जिले की वापी की सड़कें मैस्टिक एस्फाल्ट तकनीक से बेहतर हुई हैं?
सारांश
Key Takeaways
- मैस्टिक एस्फाल्ट तकनीक ने सड़क निर्माण में क्रांति ला दी है।
- बारिश के दौरान सड़कें अब सुरक्षित और टिकाऊ हैं।
- स्थानीय निवासियों में संतोष और खुशी का माहौल है।
वलसाड, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के वलसाड जिले के औद्योगिक नगर वापी में अब सड़कों पर वाहन बेफिक्र होकर फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं। इसकी बड़ी वजह सड़कों के निर्माण में अपनाई जा रही अत्याधुनिक मैस्टिक एस्फाल्ट टेक्नोलॉजी है, जिसने शहर की सड़क व्यवस्था की तस्वीर ही बदल दी है।
पहले हर साल मानसून के दौरान भारी बारिश के चलते सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाती थीं। गड्ढों और टूट-फूट के कारण आम नागरिकों, उद्योगों और भारी वाहनों की आवाजाही में भारी परेशानी होती थी। लेकिन अब प्रशासन ने नई तकनीक के जरिए इस पुरानी समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में ठोस कदम उठाया है।
वलसाड सड़क एवं भवन विभाग के कार्यकारी अभियंता जतिन पटेल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि वापी में सालाना 100 से 150 इंच तक बारिश होती है। इसके साथ ही यहां भारी वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है, जिसके कारण पारंपरिक तरीके से बनी सड़कें जल्द ही खराब हो जाती थीं।
उन्होंने कहा कि सड़कों को सीमेंट कंक्रीट (सीसी) से भी बनाया जा सकता है, लेकिन विभाग की प्राथमिकता सड़क की उम्र बढ़ाने और लंबे समय तक टिकाऊ समाधान तैयार करने की है। इसी सोच के तहत मैस्टिक एस्फाल्ट तकनीक को अपनाया गया है, जिससे सड़कें ज्यादा मजबूत बन रही हैं और बारिश के बावजूद उनकी गुणवत्ता बनी रहती है।
मैस्टिक एस्फाल्ट तकनीक से बनाई जा रही सड़कों को लेकर वापी के नागरिकों में भी संतोष और खुशी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि पहले हर मानसून में सड़कों की हालत बद से बदतर हो जाती थी। गड्ढों के कारण वाहन चालकों को नुकसान उठाना पड़ता था और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था। अब नई तकनीक से बनी सड़कें बारिश में भी सुरक्षित और सुगम बनी रहने की उम्मीद जगा रही हैं।
स्थानीय निवासी अरविंद शाह ने बताया कि वापी में अब सड़कों का निर्माण पहले की तुलना में कहीं बेहतर तरीके से हो रहा है। बारिश के मौसम में सड़कों पर गड्ढे बन जाने से रोजमर्रा की आवाजाही बेहद मुश्किल हो जाती थी। नई तकनीक से बनाई जा रही सड़कों से यह समस्या काफी हद तक खत्म होगी और सड़कों के जल्द खराब होने की आशंका भी कम हो जाएगी।
वहीं, एक अन्य स्थानीय निवासी पवन शर्मा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि वापी में अत्यधिक बारिश होती है और ऐसे क्षेत्र में मैस्टिक एस्फाल्ट तकनीक से सड़क निर्माण ही सबसे बेहतर समाधान है। उन्होंने इसे एक सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि इससे लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है और यह सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ साबित होंगी।
गौरतलब है कि नागरिकों की वर्षों पुरानी परेशानी को ध्यान में रखते हुए ही स्थानीय प्रशासन ने ट्रायल बेसिस पर मैस्टिक एस्फाल्ट टेक्नोलॉजी से सड़कों का निर्माण शुरू किया है। इस पहल से न केवल वापी के निवासियों को राहत मिली है, बल्कि यहां के उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ा फायदा हो रहा है। साथ ही, प्रशासन की यह पहल गुजरात के अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बन रही है, जहां भारी बारिश और औद्योगिक यातायात के कारण सड़कें तेजी से खराब हो जाती हैं।