क्या संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर पटना के रामजीचक गंगा घाट पर भव्य गंगा आरती आयोजित की गई?
सारांश
Key Takeaways
- संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया।
- राज्यपाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
- आयोजन में भाग ले रहे श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक थी।
- गंगा आरती ने संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
- कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चारण और शंखनाद हुआ।
दानापुर, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को पटना के रामजीचक गंगा घाट पर गंगा समग्र एवं संस्कृति परिषद के सहयोग से एक भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया।
इस विशेष अवसर पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राज्यपाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया।
गंगा आरती में मेघालय के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद भी शामिल हुए। आरती के दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखनाद एवं दीपों की रौशनी ने पूरे घाट को भक्तिमय बना दिया।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्वयंसेवक और स्थानीय निवासी उपस्थित हुए और मां गंगा की आरती में भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। गंगा समग्र एवं संस्कृति परिषद के सदस्यों ने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर समाज को संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और गंगा की स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया जा रहा है।
गंगा आरती के समापन पर अतिथियों ने मां गंगा से देश की सुख-समृद्धि और सामाजिक समरसता की कामना की। इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह था। सभी ने संघ के 100 साल पूरे होने पर बधाई दी।
आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि गंगा नदी के साथ हमारी श्रद्धा जुड़ी हुई है। हमारी संस्कृति, हमारी श्रद्धा, और हमारी नदियां पर आधारित है और इसमें गंगा नदी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मैं जागरूकता के लिए काम करने वाली इस संस्था को बधाई देता हूं।
इस आयोजन के दौरान गंगा घाट पर लोगों ने दिए जलाए, और बड़ी संख्या में लोग गंगा आरती में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान भव्य मंच तैयार किया गया था और पूरा क्षेत्र भक्तिमय भजनों से गूंज उठा।