क्या राहुल गांधी वास्तव में कालनेमि हैं? अयोध्या के साधु-संतों का बयान
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी के राम मंदिर दर्शन पर संतों की तीखी प्रतिक्रियाएं।
- कांग्रेस का राम मंदिर के प्रति दृष्टिकोण।
- राजनीति में धर्म का महत्व।
अयोध्या, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के राम मंदिर में दर्शन को लेकर चल रही अटकलों पर अयोध्या के संतों और महंतों ने प्रतिक्रिया दी।
हनुमान गढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने कहा कि जो व्यक्ति हिंदुओं को हिंसक कहे, जो कहे कि युवा मंदिर लड़कियों को छेड़ने के लिए जाते हैं, जिनकी पार्टी राम मंदिर के विरोध में 17 वकील खड़े कर दे, वह कालनेमि है। जब ये सत्ता में होते हैं तो सनातन पर प्रहार करते हैं।
हनुमानगढ़ी के देवेशाचार्य महाराज ने कहा कि देखिए, सूचना मिली है कि वे आ सकते हैं। स्वागत योग्य है। देर ही सही, राम की शरण में आ रहे हैं, इससे कल्याण होगा। रामलला का दर्शन कर रहे हैं तो उनकी पार्टी का भी कल्याण होगा। किसी भी राजनीतिक दल को राम के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
महामंडलेश्वर विष्णु दास ने कहा कि राहुल गांधी तो भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे। सद्बुद्धि कहां से आ गई कि वे राम मंदिर आ रहे हैं। यह उनकी मानसिकता को दिखाता है।
सीताराम दास महाराज ने कहा कि राहुल गांधी के डीएनए में खोट है। वे समय-समय पर गिरगिट की तरह रूप बदलते हैं। यूपी चुनाव को देखते हुए आ रहे हैं। वे राम सेतु के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे।
उन्होंने कहा कि जो राम को काल्पनिक कहते थे, अब राम की शरण में जाने की आवश्यकता क्यों महसूस हो रही है?