संजय निषाद का अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम पर बयान: विकास की ओर बढ़ें दोनों देश
सारांश
Key Takeaways
- संजय निषाद ने अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम पर संतोष व्यक्त किया।
- उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अब विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
- युद्ध से कोई समाधान नहीं निकलता, केवल बातचीत से ही समस्याओं का हल निकाला जा सकता है।
- मौजूदा सरकार जनता की समस्याओं का हल निकालने के लिए प्रयासरत है।
- पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष चुनाव के लिए गलत नाम हटाए गए हैं।
लखनऊ, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच स्थापित संघर्ष विराम पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दोनों देशों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भले ही यह सहमति थोड़ी विलंब से बनी है, फिर भी पूरी दुनिया को अमेरिका के वर्चस्व के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।
मंत्री संजय निषाद ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हर देश का अपना लोकतंत्र और अपनी संप्रभुता होती है, इसे संकट में क्यों डाला जाए?
उन्होंने यह भी कहा कि विश्व समुदाय को रचनात्मक तरीके से हस्तक्षेप करना चाहिए, क्योंकि देशों की आपसी निर्भरता बढ़ रही है और जब संघर्ष उत्पन्न होता है, तो इससे केवल प्रभावित देशों को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को संकट का सामना करना पड़ता है।
संजय निषाद ने कहा कि अब दोनों देशों को अपने विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। युद्ध से कोई समाधान नहीं निकलता, बल्कि आम लोगों को ही समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बातचीत और समझौते से ही समाधान निकल सकता है। देशों को अपने विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब देश आपसी निर्भरता में रहते हैं, तो कभी-कभी मूल्य वृद्धि होना स्वाभाविक है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के समय कुछ वस्तुओं के दाम बढ़ रहे थे, लेकिन केंद्र सरकार की योजनाओं के कारण जनता को कोई गंभीर समस्या नहीं हुई। जैसे-जैसे देश में सामानों की उपलब्धता बढ़ रही है, सरकार दाम घटाने के प्रयास कर रही है।
संजय निषाद ने कहा कि पहले की सरकारें दाम बढ़ने के बाद उसे कम करने पर ध्यान नहीं देती थीं, जिससे जनता को परेशानी होती थी। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार जनता की समस्याओं को हल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए मंत्री संजय निषाद ने कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के माध्यम से गलत लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाया गया है। अब वहां शांति और निष्पक्ष चुनाव होने वाला है। जनता टीएमसी से परेशान है, इसलिए उसने भाजपा को सत्ता सौंपने का मन बना लिया है, यह ममता सरकार को भी पता है, इसीलिए वह लोगों में गलतफहमी फैला रही है।