क्या शाहरुख खान पर नंद किशोर गुर्जर की टिप्पणी सही है?
सारांश
Key Takeaways
- आशुतोष वर्मा ने शाहरुख खान के खिलाफ नंद किशोर गुर्जर की टिप्पणी का विरोध किया।
- उन्होंने कहा कि अभिनेता अपनी मेहनत के बल पर सफल होते हैं।
- भाजपा नेताओं की टिप्पणी महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाती है।
- इंदौर में दूषित पानी के मुद्दे पर भाजपा की असफलता को उजागर किया गया।
- रैगिंग पर सख्त कानून की जरूरत है।
लखनऊ, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने अभिनेता शाहरुख खान के खिलाफ भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर की टिप्पणी पर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कोई भी अभिनेता अपनी मेहनत के आधार पर बना है और उन पर आरोप लगाना अनुचित है।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में आशुतोष वर्मा ने कहा, "नंद किशोर गुर्जर को पहले अपनी सरकार को सलाह देनी चाहिए। अगर इस देश में किसी ने नेशनल फिल्म अवॉर्ड, पद या सम्मान दिए हैं, तो वे सरकार हैं। इसलिए भाजपा विधायक को पहले यह बात या सलाह अपनी सरकार को देनी चाहिए।"
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "इस देश में जिनके बिजनेस फेल हो रहे हैं, वे बड़े सेलिब्रिटी और प्रभावशाली लोगों के नाम लेते हैं। नंद किशोर गुर्जर को कल तक कोई नहीं जानता था।"
उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य के पति गिरिधारी लाल साहू के बयान को लेकर भी सपा प्रवक्ता ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, "इस देश के आम लोगों, खासकर महिलाओं पर भाजपा नेताओं की तरफ से उनकी गरिमा और सम्मान पर इतना हमला पहले कभी नहीं हुआ। भाजपा नेताओं के मन में महिलाओं के बारे में क्या है, यह समझना चाहिए।"
इसी बीच, आशुतोष वर्मा ने जेजेपी नेता अजय चौटाला के विवादित बयान को लेकर कहा, "जब भाजपा से लड़ने का समय था, तो वह भाजपा के साथ सरकार चला रहे थे। उस समय विपक्ष और इंडी गठबंधन को लड़ना था। लेकिन भाजपा ने आपको अपने से दूर कर दिया है, तो आप इस तरह के बयान दे रहे हैं। लेकिन भारत पाकिस्तान, बांग्लादेश या नेपाल नहीं है।"
अजय चौटाला ने अपने बयान में कहा था कि 'भारत में भी बांग्लादेश और नेपाल जैसा आंदोलन करना पड़ेगा।'
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर सपा प्रवक्ता ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "भाजपा की सरकार हवा, पानी और अच्छी सड़कें नहीं दे पा रही है। मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार है। इंदौर में महापौर और पार्षद भाजपा के हैं, लेकिन कार्रवाई अधिकारी के ऊपर की जाती है। आने वाले समय में भाजपा कभी वहां सत्ता में नहीं आएगी।"
धर्मशाला रैगिंग मामले पर सपा प्रवक्ता ने घटना की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 'एंटी-रैगिंग स्क्वॉड' लगातार सक्रिय हैं और एंटी-रैगिंग कानून बनाए गए हैं। इसके बावजूद विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों और इंजीनियरिंग कॉलेजों में ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार को इस पर और सख्त नियंत्रण करना चाहिए। नए छात्रों को मानसिक, सामाजिक और शारीरिक रूप से परेशान करना बिल्कुल गलत है। ये घटनाएं आने वाली पीढ़ियों को भी गलत संदेश देती हैं।