क्या सर्दियों में तिल खाने के 5 बेहतरीन तरीके हैं, जो शरीर को अंदर से गर्म और मजबूत रखते हैं?
सारांश
Key Takeaways
- तिल का सेवन सर्दियों में ऊर्जा और गर्मी प्रदान करता है।
- तिल के लड्डू जोड़ों के दर्द में राहत देते हैं।
- तिल और अलसी का मुखवास पाचन में सुधार करता है।
- तिल का दूध कैल्शियम का अच्छा स्रोत है।
- तिल की चटनी ब्लड सर्कुलेशन सुधारने में मदद करती है।
नई दिल्ली, ८ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जैसे ही सर्दियों का मौसम आता है, लोग अपने शरीर को अंदर से गर्म और मजबूत रखने के उपाय खोजने लगते हैं। इस मौसम में तिल का सेवन बेहद फायदेमंद होता है। तिल न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि इसमें कैल्शियम, आयरन, और ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो हड्डियों, जोड़ों, और त्वचा के लिए सुरक्षा कवच का काम करते हैं।
यदि आप चाहते हैं कि सर्दियों में आपका शरीर स्वस्थ और ऊर्जा से भरा रहे, तो इन पांच तिल की रेसिपीज़ को अवश्य आजमाएं।
पहला तरीका है तिल-गुड़ के लड्डू। यह सर्दियों का पारंपरिक मेल है। भुने हुए तिल को गुड़ की चाशनी और इलायची पाउडर के साथ मिलाकर लड्डू बनाएं। इसमें अगर आप थोड़ा कसा हुआ नारियल और सूखी सोंठ डाल देते हैं, तो यह जोड़ों के दर्द और सर्दी से राहत देने में भी मदद करता है।
दूसरा तरीका है तिल और अलसी का मुखवास। समान मात्रा में तिल और अलसी को हल्का भूनकर काला नमक और नींबू का रस डालें। इसे भोजन के बाद एक चम्मच खाएं और अच्छे से चबाएं। यह पाचन को बेहतर करने के साथ-साथ कैल्शियम का अवशोषण भी बढ़ाता है।
तीसरा तरीका है तिल का दूध। यह उन लोगों के लिए खास है जिन्हें डेयरी से एलर्जी है या जिन्हें अधिक कैल्शियम की आवश्यकता है। रातभर भिगोए तिल को सुबह पानी और खजूर के साथ मिलाकर छान लें। इसे हल्का गुनगुना करके पीना फायदेमंद होता है, जिससे विटामिन्स आसानी से शरीर में पहुंचते हैं।
चौथा तरीका है तिल की क्रीमी चटनी। भुने तिल, लहसुन, हरी मिर्च, अदरक और थोड़ा दही या नींबू मिलाकर पीस लें। ऊपर से कच्चा सरसों का तेल डालें। यह ब्लड सर्कुलेशन सुधारने और कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक है।
पाँचवां तरीका है तिल और मूंगफली की चिक्की। मूंगफली और तिल को गुड़ के साथ मिलाकर चिक्की बनाएं। साथ में गुनगुना पानी पीने से पोषण फेफड़ों तक जाता है और सर्दियों की खांसी और ठंड में राहत मिलती है।