क्या नहीं रहे अपनी कॉमिक टाइमिंग से सबको गुदगुदाने वाले सतीश शाह?

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क्या नहीं रहे अपनी कॉमिक टाइमिंग से सबको गुदगुदाने वाले सतीश शाह?

सारांश

कॉमेडी के क्षेत्र में अपनी अद्वितीय कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाने वाले सतीश शाह का निधन हो गया है, जिससे उनके फैंस में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके बारे में और जानें और उनके करियर की महत्वपूर्ण बातें जानें।

मुख्य बातें

सतीश शाह का निधन एक बड़ा झटका है।
उन्होंने कॉमेडी में नई पहचान बनाई।
उनकी फिल्में दर्शकों के दिलों में जीवित रहेंगी।
व्यक्तिगत जीवन में वे सरल और साधारण थे।
उनकी कॉमिक टाइमिंग को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

दिल्ली, २५ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। कॉमेडी फिल्म में अपने अद्भुत प्रदर्शन से सभी को हंसाने वाले अभिनेता सतीश शाह का निधन हो गया है। इस दुखद समाचार ने उनके फैंस में शोक की लहर पैदा कर दी है। भारतीय निर्माता अशोक पंडित ने अभिनेता के निधन की पुष्टि करते हुए एक भावुक पोस्ट साझा किया है।

अशोक पंडित ने सतीश रविलाल शाह की एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए लिखा है, "यह बताते हुए मुझे गहरा दुख हो रहा है कि हमारे प्रिय मित्र और शानदार अभिनेता सतीश शाह का कुछ घंटे पहले किडनी फेल होने के कारण निधन हो गया। उन्हें हिंदुजा अस्पताल लाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। यह हमारे उद्योग के लिए एक बड़ी हानि है।" उन्होंने अभिनेता के घर का पता भी सोशल मीडिया पर साझा किया है।

सतीश शाह का जन्म एक गुजराती परिवार में हुआ था। वह टीवी और सिनेमा का एक हंसमुख चेहरा थे। उन्होंने अपनी बेमिसाल एक्टिंग के जरिए एक अलग पहचान बनाई। चाहे वह टीवी पर छोटा रोल हो या पर्दे पर बड़ा, उन्होंने दोनों को पूरी मेहनत से निभाया।

शाह ने अपने करियर की शुरुआत १९७० में फिल्म 'भगवान परशुराम' से की थी, लेकिन यह फिल्म उन्हें पहचान नहीं दिला पाई। फिर उन्हें १९७८ में अरविंद देसाई की फिल्म 'अजीब दास्तान' में देखा गया। इस फिल्म में उनका रोल छोटा था, लेकिन फिर १९८३ की फिल्म 'जाने भी दो यारों' में उन्होंने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जो उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई।

उनकी आखिरी फिल्म 'हमशक्ल' थी, जो २०१४ में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में सैफ अली खान, रितेश देशमुख और राम कपूर जैसे सितारे थे। फिल्म में सतीश शाह ने एक छोटा साइड रोल किया था। इसका निर्देशन साजिद खान ने किया था, लेकिन फिल्म ने कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया।

व्यक्तिगत जीवन में, सतीश शाह एक साधारण इंसान थे। उन्हें पार्टियों में जाना पसंद नहीं था और वे घर का खाना अधिक पसंद करते थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, "मैं उन कुछ लोगों में से एक हूं जिन्हें घर का बना खाना पसंद है और मेरे घर का खाना किसी भी पार्टी के खाने जितना अच्छा होता है।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सतीश शाह का निधन कैसे हुआ?
सतीश शाह का निधन किडनी फेल होने के कारण हुआ। उन्हें हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सतीश शाह ने किस फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की?
सतीश शाह ने अपने करियर की शुरुआत 1970 में फिल्म 'भगवान परशुराम' से की थी।
उनकी कौन सी फिल्म ने उन्हें पहचान दिलाई?
फिल्म 'जाने भी दो यारों' ने सतीश शाह के करियर के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।
सतीश शाह का व्यक्तिगत जीवन कैसा था?
सतीश शाह एक साधारण जीवन जीते थे और उन्हें घर का खाना पसंद था।
उनका अंतिम प्रोजेक्ट कौन सा था?
सतीश शाह का अंतिम प्रोजेक्ट फिल्म 'हमशक्ल' था, जो 2014 में रिलीज हुई थी।
राष्ट्र प्रेस