सावित्रीबाई फुले: समाज में समानता और बदलाव की प्रेरणा के स्तंभ
सारांश
Key Takeaways
- सावित्रीबाई फुले का कार्य नारी सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण है।
- उन्होंने पहला बालिका विद्यालय स्थापित किया।
- उनका योगदान आज भी प्रेरणा देता है।
- समाज में समानता के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
- उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी जाती है।
नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत की पहली महिला शिक्षक, अद्वितीय समाज सुधारक और नारी सशक्तिकरण का प्रतीक सावित्रीबाई फुले को उनकी पुण्यतिथि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय गृह मंत्री ने उन्हें राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "सावित्रीबाई फुले ने उस समय महिलाओं को शिक्षा से जोड़ने का अभियान चलाया, जब समाज में कई कुरीतियाँ फैली हुई थीं। उन्होंने देश का पहला बालिका विद्यालय स्थापित किया और समानता के सिद्धांत को सभी लोगों तक पहुँचाया। मैं उन्हें उनकी पुण्यतिथि पर नमन करता हूँ।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, "नारी चेतना की सशक्त आवाज, समतामूलक समाज की रचनाकार एवं आधुनिक भारत की पहली महिला शिक्षक, 'क्रांतिज्योति' सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि।"
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा, "भारत की पहली महिला शिक्षक और महान समाज सुधारिका 'क्रांतिज्योति' सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। शिक्षा के माध्यम से नारी सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता के लिए उनका संघर्ष हमें हमेशा प्रेरित करेगा।"
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिखा, "महिला सशक्तिकरण का आदर्श, महान समाज सेविका, सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। छुआछूत, सती प्रथा, बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के लिए उनके प्रयास नारी सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में नए युग का आगाज़ करते हैं। उनके चरणों में शत-शत नमन।"
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लिखा, "देश की पहली महिला शिक्षक, नारी शिक्षा एवं नारी मुक्ति आंदोलन की अग्रदूत, महान समाज सेविका सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन। आपने शिक्षा के माध्यम से समाज में समानता, जागरूकता और महिला सशक्तिकरण की जो अलख जगाई, वह आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का अमर स्रोत है।"
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इसी प्रकार की श्रद्धांजलि दी।"