क्या पंजाब में सीमा पार से हथियार तस्करी का बड़ा खुलासा हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- पंजाब में अवैध हथियारों का तस्करी का मामला सामने आया है।
- दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जो पाकिस्तान से जुड़े हैं।
- पुलिस ने उच्च गुणवत्ता वाले हथियार बरामद किए हैं।
- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर कार्रवाई की गई।
- पुलिस आगे की जांच को गहराई से कर रही है।
चंडीगढ़/अमृतसर, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार, पंजाब को एक सुरक्षित राज्य बनाने की दिशा में चलाए जा रहे अभियान के दौरान अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो पाकिस्तान स्थित तस्करों से जुड़े एक बड़े अवैध हथियारों के नेटवर्क का हिस्सा थे।
आरोपियों के पास से छह आधुनिक पिस्तौल बरामद की गई हैं। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी (22), निवासी गांव रत्तोके, तरनतारन और सुरजीत सिंह (35), निवासी चेला कॉलोनी, तरनतारन के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, सुरजीत सिंह का आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित कई मामले पहले से दर्ज हैं। बरामद हथियारों में दो जिंदा कारतूसों के साथ दो 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल और चार .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं, जो किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते थे।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर अवैध हथियारों की तस्करी कर रहे थे और इन्हें राज्य में सक्रिय गैंगस्टरों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मामले में आगे और पीछे के नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच को और गहराई से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि इस पूरे तस्करी गिरोह को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
पुलिस कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को गिरफ्तार किया। उसकी तलाशी के दौरान दो जिंदा कारतूसों सहित तीन .30 बोर पिस्तौल और एक ग्लॉक पिस्तौल बरामद की गई। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के जरिए सीधा पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क में थे और ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से अवैध हथियारों की खेप मंगवा रहे थे, जिन्हें आगे गैंगस्टरों तक सप्लाई किया जाना था।
सीपी ने आगे बताया कि गुरप्रीत उर्फ गोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके साथी सुरजीत सिंह को भी गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से एक ग्लॉक पिस्तौल और एक .30 बोर पिस्तौल बरामद की गई। जांच में यह भी सामने आया है कि सुरजीत सिंह उसी नेटवर्क का हिस्सा था और विभिन्न स्थानों पर अवैध हथियारों की डिलीवरी में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
इस पूरे मामले में थाना इस्लामाबाद, अमृतसर में आर्म्स एक्ट के तहत 13 जनवरी को मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि पंजाब में अवैध हथियारों और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा।