शारजाह में उडुपी के एल्विन प्रकाश की नृशंस हत्या: शव 9 टुकड़ों में मिला, पत्नी-बेटा लापता
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह में कर्नाटक के उडुपी जिले के कुंडापुर निवासी एल्विन प्रकाश कुंदर की बेरहमी से हत्या कर दी गई — उनका शव 9 टुकड़ों में काटकर दो बैगों में भरा हुआ मिला। यह दिल दहला देने वाली जानकारी घटना के करीब दो महीने बाद, 24 सितंबर 2026 को सामने आई है। मृतक की पत्नी टीना कुंदर और उनका किशोर बेटा अभी भी लापता हैं, जिससे जांच की दिशा अनिश्चित बनी हुई है।
कौन थे एल्विन प्रकाश कुंदर
एल्विन प्रकाश कुंदर पिछले 14 वर्षों से शारजाह एयरपोर्ट पर कार्यरत थे। वे अपनी पत्नी टीना कुंदर — जो उडुपी के उद्यावर की मूल निवासी और एक स्कूल शिक्षिका हैं — तथा अपने 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे के साथ शारजाह में रह रहे थे। परिवार के अनुसार, प्रकाश दिसंबर 2025 में अपने गृहनगर आए थे और उसके बाद वापस शारजाह लौट गए थे।
कैसे हुआ रहस्य का खुलासा
प्रकाश के भाई अनिल प्रशांत कुंदर ने बताया कि उन्होंने 20 जुलाई 2026 के आसपास प्रकाश से संपर्क करने की कोशिश की। प्रकाश ने कॉल नहीं उठाई, बल्कि एक टेक्स्ट मैसेज भेजकर कहा कि वे ठीक हैं — जो परिवार को संदिग्ध लगा क्योंकि वे आमतौर पर वॉयस मैसेज के ज़रिए संवाद करते थे।
लगभग एक हफ्ते बाद अनिल के दोबारा संपर्क करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। तब उन्होंने शारजाह में प्रकाश के मित्र मनोहर से उनका हालचाल लेने को कहा। मनोहर जब प्रकाश के फ्लैट पर पहुँचे तो वॉचमैन ने बताया कि प्रकाश भारत चले गए हैं। कंपनी के एचआर विभाग ने भी शुरुआत में यही जानकारी दी।
हालाँकि, अनिल ने कंपनी को स्पष्ट किया कि प्रकाश भारत नहीं लौटे हैं। इसके बाद पासपोर्ट रिकॉर्ड की जाँच से पुष्टि हुई कि वे अभी भी शारजाह में ही थे। इसके बाद गुमशुदगी की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
शव की बरामदगी
खोजबीन के दौरान प्रकाश का शव ओमान जाने वाले मार्ग पर खड़ी एक कार के अंदर मिला। अनिल प्रशांत कुंदर के अनुसार, शव को 9 टुकड़ों में काटकर दो बैगों में भरा गया था। बाद में शारजाह अधिकारियों ने इसकी पहचान प्रकाश के तौर पर की। हत्या जुलाई 2026 में हुई थी, लेकिन इसकी जानकारी लगभग दो महीने बाद सार्वजनिक हुई।
पत्नी और बेटे का रहस्य
इस मामले का सबसे बड़ा अनुत्तरित सवाल टीना कुंदर और उनके नाबालिग बेटे का लापता होना है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रकाश की मृत्यु के बाद से वे दोनों कहीं नहीं दिखे हैं। कुछ रिपोर्टों में उनके शारजाह छोड़कर भारत आने की संभावना जताई गई है, लेकिन अभी तक उनका सटीक ठिकाना सार्वजनिक नहीं हो पाया है।
कुछ खबरों में कथित तौर पर पत्नी की संलिप्तता का अंदेशा जताया गया है, हालाँकि यह आरोप अभी तक किसी आधिकारिक स्रोत से पुष्ट नहीं हुआ है और जाँच जारी है। प्रकाश के परिजनों ने बताया कि उन्हें दंपति के बीच किसी विवाद की कोई जानकारी नहीं थी।
परिवार की माँग और आगे की कार्रवाई
प्रकाश के भाई अनिल प्रशांत कुंदर ने उडुपी के पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले में सहयोग के लिए आवेदन सौंपा है। परिवार शव को भारत लाने के लिए यूएई की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहा है। उडुपी पुलिस शारजाह अधिकारियों से आधिकारिक सूचना का इंतजार कर रही है। जाँच से हत्या के हालात और जिम्मेदार व्यक्तियों का पता लगाने की उम्मीद है।