क्या शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी आरएसएस के नियंत्रण में हैं? राहुल गांधी पर बेबुनियाद आरोप न लगाए जाएं: मणिकम टैगोर

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क्या शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी आरएसएस के नियंत्रण में हैं? राहुल गांधी पर बेबुनियाद आरोप न लगाए जाएं: मणिकम टैगोर

सारांश

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने शिक्षा मंत्रालय के आरएसएस के नियंत्रण में होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति यूजीसी की कार्यक्षमता को कमजोर कर रही है। क्या राहुल गांधी पर लगाए गए आरोप सही हैं? जानें इस विवाद के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

शिक्षा मंत्रालय आरएसएस के नियंत्रण में आ चुका है।
यूजीसी की स्थिति कमजोर हो गई है।
राहुल गांधी ने नफरत के खिलाफ प्यार का संदेश फैलाने का प्रयास किया है।
उत्तराखंड में आरएसएस के प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई है।
राजनीतिक साजिशों का प्रभाव शिक्षा प्रणाली पर पड़ रहा है।

नई दिल्ली, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। यूजीसी के नए निर्देशों को लेकर उठे विवाद पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भाजपा पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय पूरी तरह से आरएसएस के नियंत्रण में आ चुका है। जो आरएसएस चाहता है, यूजीसी वही कर रहा है।

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "हम सभी जानते हैं कि शिक्षा मंत्रालय पूरी तरह असफल हो चुका है। यह पूरी तरह से आरएसएस के नियंत्रण में आ गया है और यूजीसी जैसी प्रमुख संस्था पिछले 10 वर्षों में कमजोर हो गई है। मोदी सरकार ने शिक्षा विभाग को पूरी तरह से आरएसएस के हवाले कर दिया है और इसी कारण यूजीसी की स्थिति बहुत खराब है।"

पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद के बयान पर मणिकम टैगोर ने कहा, "वह नफरत जो आरएसएस ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ फैलाई है, उसका मुकाबला करने के लिए राहुल गांधी 4,000 किलोमीटर चले। ऐसे नेता के बारे में ऐसी बेबुनियाद बातें कहने से पहले शकील को कम से कम एक बार सोचना चाहिए।"

कांग्रेस छोड़ चुके शकील अहमद ने कहा था कि वह शशि थरूर को वोट देना चाहते थे, लेकिन जब उन्होंने देखा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी के वफादार लोग खड़गे के लिए वोट मांग रहे थे, तो उन्होंने अपनी मर्जी के खिलाफ खड़गे को वोट दिया। राहुल गांधी अच्छे पॉपुलर नेताओं से कभी नहीं मिलते, क्योंकि उन्हें खतरा महसूस होता है।

उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी उन वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में खुद को असहज महसूस करते हैं जिनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा है और इसलिए वह केवल उन लोगों को बढ़ावा दे रहे हैं जिनका कोई आधार नहीं है।

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पदाधिकारियों द्वारा बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर बैन लगाने की घोषणा पर कहा, "यह एक बहुत संवेदनशील मुद्दा है, खासकर उत्तराखंड में। उत्तराखंड को इस देश में देवभूमि माना जाता है, फिर भी यह आरएसएस के प्रभाव में आ गया है। आरएसएस और उसके सहयोगी संगठनों ने अलग-अलग नामों से सांप्रदायिक संगठन बनाए हैं। अगले साल चुनाव आ रहे हैं, ऐसे में भाजपा और आरएसएस के बीच एक साजिश दिख रही है, जो उत्तराखंड में तनाव बनाए रखने, सांप्रदायिक सद्भाव तोड़ने और नफरत फैलाने की नीति के तहत मिलकर काम कर रहे हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें इस विषय पर न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से, बल्कि राष्ट्रीय दृष्टिकोण से भी विचार करना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूजीसी के नए नियमों का क्या असर होगा?
यूजीसी के नए नियमों का असर शिक्षा प्रणाली और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर पड़ेगा, जिससे शिक्षण संस्थानों की स्वतंत्रता में कमी आ सकती है।
राहुल गांधी पर आरोप क्यों लगाए गए?
राहुल गांधी पर आरोप इसलिए लगाए गए क्योंकि उनकी गतिविधियों से कुछ नेताओं को असुरक्षित महसूस होता है।
आरएसएस का शिक्षा मंत्रालय पर क्या प्रभाव है?
आरएसएस का शिक्षा मंत्रालय पर प्रभाव बताता है कि वर्तमान सरकार का एजेंडा किस दिशा में जा रहा है और यह कैसे शिक्षा के क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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