शिमला में अप्रैल में तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस पर गिरा, 46 वर्ष का रिकॉर्ड टूट गया
सारांश
Key Takeaways
- शिमला में तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस पर गिरा।
- 46 वर्षों का रिकॉर्ड टूटा।
- अप्रैल में 142 प्रतिशत अधिक बारिश।
- आगे हल्की बर्फबारी की संभावना।
- पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है।
शिमला, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक शोभित कटियार ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि शिमला में अप्रैल का तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिसके चलते 46 वर्ष पुराना रिकॉर्ड टूट गया है। इस असामान्य गिरावट का कारण भारी बारिश और बर्फबारी है, जिससे दिन का तापमान भी बहुत कम रहा।
कटियार ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण सभी स्थानों पर दिन के तापमान में 10-12 डिग्री सेल्सियस की कमी देखी गई। गुरुवार11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पिछले 11-12 वर्षों में अप्रैल में इतना कम तापमान नहीं देखा गया। इससे पहले, 2015 में इसी स्तर का तापमान रिकॉर्ड किया गया था। कल रात 3.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा, जो कि 46 वर्ष पहले अप्रैल में रात के समय का न्यूनतम तापमान था।
कटियार ने जानकारी दी कि अप्रैल में हिमाचल प्रदेश में 142 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। एक मार्च से अब तक की घटनाओं का विश्लेषण करते हुए यह पाया गया कि बारिश 9 प्रतिशत अधिक हुई है। आगामी दिनों में आंधी आने की संभावना है। अगले 5 से 7 दिनों में बारिश में कमी देखने को मिलेगी।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक ने यह भी कहा कि अप्रैल महीने में हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी होना सामान्य बात है। खंडराला स्टेशन पर भी इस साल अप्रैल में बर्फबारी देखी गई है। पिछले तीन-चार वर्षों से इस महीने में बर्फबारी का क्रम जारी है। उन्होंने बताया कि अगले 10 दिनों में मैदानी क्षेत्रों में कोई महत्वपूर्ण मौसम गतिविधि नहीं होगी, परंतु पहाड़ी क्षेत्रों में 11-12 अप्रैल को हल्की बर्फबारी हो सकती है। 16, 17 और 18 अप्रैल को हल्की बारिश की संभावना है।
कटियार ने कहा कि अगले तीन से चार दिनों में पश्चिमी विक्षोभ हिमाचल प्रदेश की ओर बढ़ता दिख रहा है।