क्या राष्ट्रपति मुर्मू ने शिवगंगा सड़क हादसे पर दुख जताया?

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क्या राष्ट्रपति मुर्मू ने शिवगंगा सड़क हादसे पर दुख जताया?

सारांश

तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में दो बसों के टकराने से हुई भीषण दुर्घटना में 12 लोगों की जान गई। राष्ट्रपति मुर्मू ने शोक व्यक्त किया और घायलों के स्वस्थ होने की कामना की। यह हादसा सड़क सुरक्षा के मुद्दों को उजागर करता है। जानें इस घटना का पूरा विवरण।

मुख्य बातें

12 लोगों की मौत हुई और 40 से अधिक लोग घायल हुए।
राष्ट्रपति मुर्मू ने दुख व्यक्त किया ।
हादसा सड़क सुरक्षा की गंभीरता को दर्शाता है।
तमिलनाडु में 67,000 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हुईं।
सड़क सुरक्षा अभियान चलाए जा रहे हैं।

शिवगंगा, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में रविवार को एक भयानक दुर्घटना हुई। कुंगमगुड़ी के निकट दो बसों के आमने-सामने टकराने से 12 लोगों की जान चली गई और 40 से अधिक लोग घायल हुए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस घटना पर गहरी दुःख व्यक्त किया है।

राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया पर लिखा कि शिवगंगा में हुई इस दुर्घटना की खबर बेहद दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।

यह घटना रविवार शाम को हुई, जब दोनों बसें एक संकीर्ण सड़क पर विपरीत दिशाओं से आ रही थीं। अचानक दोनों बसों की टक्कर हो गई, जिससे दोनों बसें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं। आसपास के लोग तेज आवाज सुनकर दौड़कर मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया। कुछ यात्री बेहोश थे, जबकि अन्य दर्द से चिल्ला रहे थे।

पुलिस के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि दुर्घटना ओवरस्पीडिंग, कम दृश्यता या ड्राइवर की थकान के कारण हुई, लेकिन शुरुआती संकेत इन्हीं कारणों की ओर इशारा करते हैं। घायलों को तुरंत शिवगंगा और कराईकुडी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई यात्रियों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई को फ्रैक्चर, सिर में चोट और गंभीर चोटें आई हैं।

इस दुर्घटना ने एक बार फिर तमिलनाडु में बढ़ते सड़क हादसों की गंभीर समस्या को उजागर किया है। पिछले कुछ महीनों में त्रिची, सलेम और विल्लुपुरम जैसे जिलों में सड़क हादसों की घटनाएं बढ़ी हैं। हाल ही में तेनकासी में दो प्राइवेट बसों की टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई थी। लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि आखिर सड़कों पर इतनी मौतें कब रुकेंगी?

आंकड़ों के अनुसार, 2023 में तमिलनाडु में 67,000 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जो भारत के किसी भी राज्य के लिए सबसे ज्यादा हैं और देश की कुल दुर्घटनाओं का लगभग 14 प्रतिशत हिस्सा हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर राज्य में समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। 2025 में भले ही हादसों की संख्या कम हुई हो, फिर भी हादसों का सिलसिला नहीं रुक रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसका समाधान प्राथमिकता के साथ किया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर सभी को एकजुट होकर काम करना होगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवगंगा में सड़क हादसा कब हुआ?
यह हादसा 30 नवंबर को हुआ।
इस हादसे में कितने लोग घायल हुए?
इस हादसे में 40 से ज्यादा लोग घायल हुए।
राष्ट्रपति ने इस घटना पर क्या कहा?
राष्ट्रपति मुर्मू ने शोक व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
क्या सड़क सुरक्षा के उपाय किए जा रहे हैं?
हाँ, राज्य में समय-समय पर सड़क सुरक्षा के लिए अभियान चलाए जाते हैं।
इस तरह के हादसे क्यों हो रहे हैं?
हादसों का कारण ओवरस्पीडिंग, कम दृश्यता या ड्राइवर की थकान हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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