क्या एसआईआर से किसी को नुकसान होगा? गौरव वल्लभ का बयान
सारांश
Key Takeaways
- गौरव वल्लभ ने अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए।
- एसआईआर की सूची यूपी चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- टीएमसी और ममता बनर्जी के खिलाफ उठे सवाल।
- लैंड फॉर जॉब स्कैम पर लालू यादव का परिवार सवालों के घेरे में।
- राजनीतिक बयानबाजी का असली उद्देश्य समझने की जरूरत।
नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश को एसआईआर से होने वाले नुकसान की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मैं उन्हें यह बताना चाहता हूं कि यूपी चुनाव में उन्हें राजद से भी कम सीटें मिलने वाली हैं।
उत्तर प्रदेश में एसआईआर से संबंधित ड्राफ्ट सूची जारी की गई है। इस पर अखिलेश यादव भाजपा और चुनाव आयोग पर लगातार हमलावर बने हुए हैं।
गौरव वल्लभ ने नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि किसे नुकसान होगा, यह वक्त बताएगा। उन्होंने सवाल किया कि जब उनके सांसद के पत्थर लेते हुए फोटो सामने आएं, तो आपका क्या बयान होगा? क्या आप पत्थरबाजी को प्रोत्साहन देते हैं? क्या सपा का मॉडल पत्थर फेंकने का है? यदि ऐसा मानते हैं तो ठीक है, लेकिन यदि नहीं मानते तो पत्थरबाज सांसद को पार्टी से निकाल दें।
आईपैक कार्यालय पर छापे और दिल्ली में टीएमसी सांसदों के प्रदर्शन पर भाजपा नेता ने कहा कि आप एक प्राइवेट कंपनी के ऑफिस गईं और फाइलें लेकर वापस आ गईं। किसी को नहीं पता कि आप कौन सी फाइलें ले गईं। संवैधानिक पद पर बैठी एक महिला संवैधानिक काम में बाधा डाल रही हैं। भाजपा नेता ने कहा कि टीएमसी के यहां कार्रवाई नहीं हुई, तो ममता बनर्जी को एक दफ्तर पर छापे से इतना डर क्यों लगने लगा? देश और बंगाल की जनता जानना चाहती है कि प्राइवेट कंपनी से उनका क्या रिश्ता है।
उन्होंने कहा कि ईडी की रेड एक प्राइवेट व्यक्ति के दफ्तर में हुई, लेकिन ममता बनर्जी वहां से फाइलें लेकर चली गईं। ईडी की कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करना बिल्कुल ठीक नहीं है। भाजपा नेता ने कहा कि टीएमसी नेताओं के विरोध से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। देश की जनता जानना चाहती है कि ममता बनर्जी ने जो फाइलें लीं, उनका राज क्या है।
लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में भाजपा नेता ने कहा कि लालू यादव और उनके परिवार को सामने आकर बताना चाहिए कि ये नौकरियां कैसे दी गईं। नौकरियां केवल एप्लीकेशन के आधार पर बांटी गईं और इसके बदले में जमीन ली गई। यही तो वंशवाद और भ्रष्टाचार का मॉडल है, जिसे बिहार और पूरे देश ने नकार दिया है।
तेजस्वी यादव को बताना पड़ेगा कि जो लैंड फॉर जॉब स्कीम चलाई थी, क्या आप उन्हीं गरीबों के पैसों से विदेश घूम रहे हैं? उन्होंने कहा कि राजद का परिवारवाद और भ्रष्टाचार का मॉडल अब बेनकाब हो चुका है। गरीबों की जमीन को लालू परिवार ने हथिया लिया। लालू परिवार पूरी तरह एक्सपोज हो चुका है। लालू यादव को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए।