क्या उपराष्ट्रपति चुनाव में सुदर्शन रेड्डी की दिल्ली में सीपीआई और सीपीएम नेताओं से मुलाकात महत्वपूर्ण है?

सारांश
Key Takeaways
- बी. सुदर्शन रेड्डी की निष्पक्ष छवि
- इंडिया गठबंधन की चुनावी तैयारी
- सीपीआई और सीपीएम के साथ सहयोग
- राजनीतिक संवाद का महत्व
- संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प
नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर इंडिया गठबंधन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने बुधवार को दिल्ली में कई प्रमुख दलों के नेताओं से मुलाकात की। उनके साथ कांग्रेस सांसद डॉ. मल्लू रवि, जो तेलंगाना कांग्रेस सांसदों के संयोजक हैं, भी उपस्थित रहे।
इंडिया ब्लॉक के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को लेकर कांग्रेस नेता मल्लू रवि ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "जस्टिस सुदर्शन रेड्डी को सुप्रीम कोर्ट के शानदार जज के रूप में जाना जाता है और उन्होंने भारत में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए उपराष्ट्रपति चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।"
दिल्ली में सबसे पहले यह प्रतिनिधिमंडल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के राष्ट्रीय कार्यालय अजय भवन पहुंचा, जहां उन्होंने पार्टी महासचिव डी. राजा से मुलाकात की और इंडिया गठबंधन की ओर से समर्थन का अनुरोध किया।
इसके बाद वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राष्ट्रीय कार्यालय 'सुरजीत भवन' पहुंचे और महासचिव एमए बेबी से भेंट की। दोनों बैठकों में गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में सहमति बनाने और चुनाव से पहले साझा रणनीति तैयार करने पर चर्चा की गई।
इन बैठकों में केवल महासचिवों से ही नहीं, बल्कि दोनों पार्टियों के अन्य प्रमुख नेताओं से भी संवाद किया गया।
इससे पहले जस्टिस सुदर्शन रेड्डी ने 21 अगस्त को चेन्नई का दौरा किया था, जहां उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और डीएमके सांसदों से मुलाकात की थी। इसके बाद वे 22 अगस्त को लखनऊ गए, जहां उन्होंने समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं से समर्थन के लिए बातचीत की।
जस्टिस सुदर्शन रेड्डी, जो सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रह चुके हैं, अपनी निष्पक्ष छवि और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता के कारण गठबंधन के लिए एक मजबूत चेहरा माने जा रहे हैं।