क्या प्रधानमंत्री आवास योजना से सुधीर कुमार चक्रवर्ती की जिंदगी बदली?
सारांश
Key Takeaways
मुजफ्फरपुर, २४ जून (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री आवास योजना ने देश भर में उन गरीबों की जिंदगी में बदलाव लाया है, जो खुद घर बनाने में असमर्थ थे। इनमें से एक हैं बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सुधीर कुमार चक्रवर्ती। सुधीर को इस योजना का लाभ मिला और आज वह अपने घर के मालिक हैं।
सुधीर कुमार चक्रवर्ती और उनकी पत्नी मीठू चक्रवर्ती ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत की। दोनों की खुशी देखने लायक थी, और उन्होंने अपने घर और सरकार द्वारा प्रदान की गई सहायता के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित कलमबाग रोड गन्नीपुर मोहल्ले के बंगाली टोला में रहने वाले सुधीर और उनकी पत्नी ने बताया कि २०१६ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाना शुरू हुआ और २०१७ में यह पूरा हुआ। पहले वे एस्बेस्टस के टूटे-फूटे मकान में रहते थे, जो बारिश में घर के अंदर पानी भरने का कारण बनता था। लेकिन अब, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान मिलने के बाद उनकी सारी समस्याएँ समाप्त हो गई हैं। अब वे भी सम्मानपूर्वक जीवन जीते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना के माध्यम से उन्हें मकान मिला, उज्जवला योजना से गैस मिली, हर महीने मुफ्त अनाज मिल रहा है, और उनके लिए आयुष्मान कार्ड बन गया है, जिसके तहत वे ५ लाख रुपये तक का इलाज करवा सकते हैं। उनके परिवार के चार सदस्यों का आयुष्मान कार्ड बना हुआ है। इस प्रकार से, गरीबों की भलाई के लिए कोई अन्य प्रधानमंत्री नहीं आया है। वे प्रधानमंत्री के प्रति अत्यंत आभारी हैं और चाहते हैं कि ऐसे ही प्रधानमंत्री हमेशा गरीबों की देखभाल करें।
यह कहानी केवल सुधीर कुमार चक्रवर्ती और उनकी पत्नी मीठू चक्रवर्ती की नहीं है। देश में हजारों गरीबों के घर पीएम आवास योजना के तहत बने हैं। ये घर उन्हें मिले हैं जिनका स्वावलंबन संभव नहीं था। घर मिलने के बाद उनके चेहरे पर खुशी और संतोष इस बात का प्रमाण है कि सरकार की यह योजना जमीनी स्तर पर बदलाव लाने और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में सफल है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष २०२५-२६ के लिए बिहार को ५ लाख २० हजार ७४२ अतिरिक्त आवास आवंटित किए हैं। २०१६ में शुरू हुई पीएम आवास योजना के अंतर्गत २०२४-२५ तक बिहार को कुल ४४ लाख ९२ हजार १० घर आवंटित किए जा चुके हैं।