टाइगर श्रॉफ फायरिंग: सुप्रिया सुले बोलीं — 'जेल में बंद व्यक्ति हमले की योजना और सोशल मीडिया पोस्ट कैसे कर सकता है?'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने 22 अक्टूबर 2026 को बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के मामले में कड़ी प्रतिक्रिया दी — विशेष रूप से उस दावे पर जिसमें जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने हमले की जिम्मेदारी ली। सुले ने सवाल उठाया कि एक कैद व्यक्ति हमले की योजना बनाकर सोशल मीडिया पर उसकी जिम्मेदारी कैसे ले सकता है, और इस मामले की जाँच की माँग की।
सुप्रिया सुले का बयान
सुले ने गुरुवार को कहा, 'मुझे हैरानी हुई क्योंकि न्यूज़ चैनल और अखबार कहते हैं कि लॉरेंस बिश्नोई जेल में है। फिर भी, वह खुद पोस्ट कर रहा है और कह रहा है कि मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूँ। यह समझना मुश्किल है कि जेल के अंदर बैठा कोई व्यक्ति इस तरह जिम्मेदारी कैसे ले सकता है।' उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह से लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है, उसे देखते हुए वे इस बात की जाँच की माँग करेंगी।
मुख्य घटनाक्रम
18 अक्टूबर की शाम को मुंबई के जुहू इलाके में मोटरसाइकिल सवार तीन लोगों ने टाइगर श्रॉफ पर गोलियाँ चलाईं, लेकिन अभिनेता बाल-बाल बच गए। इस हमले में टाइगर को कोई चोट नहीं आई, हालाँकि उनका ड्राइवर घायल हो गया। घटना के कुछ ही घंटों के भीतर राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गुरुवार को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले के सिलसिले में चार और आरोपियों — दो महिलाएँ राधा और बबीता, तथा कुणाल और सुमित — को ट्रांजिट रिमांड पर किला कोर्ट लेकर आई।
पूर्व नियोजन के सुराग
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमले से पहले आरोपियों ने मुंबई के पास एक स्थान पर गोली चलाने का अभ्यास किया था। बताया जा रहा है कि अंधेरी के एक होटल कमरे में हथियार की जाँच के दौरान एक बार गोली गलती से भी चल गई थी। यह तथ्य बताता है कि यह कोई अनायास की गई हरकत नहीं, बल्कि सुनियोजित हमला था।
रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी मूल रूप से किसी अन्य बॉलीवुड हस्ती को निशाना बनाना चाहते थे, लेकिन जब वे अपने पहले से तय लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाए, तो उन्होंने टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने का फैसला किया।
सोशल मीडिया से मिली सुरक्षा खामी
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों को टाइगर के प्रशंसकों द्वारा सोशल मीडिया रील्स पर साझा की गई जानकारी से पता चला कि उस समय अभिनेता के पास पुलिस सुरक्षा नहीं थी। इसी सूचना के आधार पर उन्होंने हमले का निर्णय लिया। यह ऐसे समय में आया है जब सेलिब्रिटी की सुरक्षा और उनकी निजी जानकारी के सोशल मीडिया पर सार्वजनिक होने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
हमले का मकसद और चेतावनी
घटना के कुछ ही घंटों के भीतर सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप वायरल हुई, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अनिल पंडित होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने गोलीबारी की जिम्मेदारी ली। उस व्यक्ति ने कहा कि यह टाइगर श्रॉफ के लिए एक चेतावनी थी कि वे सुपरस्टार सलमान खान के साथ काम करना बंद कर दें। शुरुआती पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस हमले का व्यापक मकसद फिल्म उद्योग में भय का माहौल बनाना था।
गौरतलब है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम पहले भी कई बड़े नामों को धमकी देने और हमलों में सामने आ चुका है। यह मामला जेल प्रशासन और आतंरिक सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में जाँच एजेंसियाँ यह उजागर करने की कोशिश करेंगी कि जेल में बंद रहते हुए इस तरह के संदेश और जिम्मेदारी लेने के दावे कैसे संभव हुए।