टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: जुहू में दो हफ्ते की रेकी, कोटा में तीनों आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए फायरिंग हमले में मुंबई पुलिस ने तीनों आरोपियों को घटना के कुछ ही घंटों के भीतर राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। 19 अक्टूबर 2026 की शाम जुहू के पुष्पा नरसी पार्क के निकट हुए इस हमले में अभिनेता सुरक्षित बचे, जबकि उनके चालक के घायल होने की खबर है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह साजिश करीब दो सप्ताह पहले से सुनियोजित तरीके से तैयार की गई थी।
हमले की पृष्ठभूमि और रेकी की पूरी कहानी
जांच में पता चला है कि आरोपी हमले से लगभग दो हफ्ते पहले मुंबई पहुँचे थे। इस दौरान उन्होंने टाइगर श्रॉफ के घर और जिम की रेकी की। सोशल मीडिया पर मौजूद पापाराजी वीडियो और अन्य सामग्री के जरिये अभिनेता की दिनचर्या, नियमित कार्यक्रम और आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई जाती रही।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, तीनों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने यह काम सौंपा था। हालाँकि पुलिस अभी इस कनेक्शन की आधिकारिक पुष्टि के लिए पूछताछ जारी रखे हुए है।
हमले का घटनाक्रम
रविवार शाम टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलकर मैदान से अपनी कार में लौट रहे थे। जुहू स्थित पुष्पा नरसी पार्क के पास मोटरसाइकिल पर सवार तीन हमलावरों ने उनकी कार पर फायरिंग कर दी। फायरिंग के तत्काल बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
गौरतलब है कि हमले में अभिनेता को कोई चोट नहीं आई, लेकिन उनके चालक के घायल होने की खबर है।
भागने का सुनियोजित मार्ग
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने हमले के बाद भागने का रास्ता पहले से तय कर रखा था। फायरिंग के बाद उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दी और ट्रेन से बोरीवली पहुँचे। वहाँ से तीनों टैक्सी लेकर सूरत गए और फिर सूरत रेलवे स्टेशन से कोटा की ओर रवाना हो गए।
बताया जा रहा है कि आरोपियों की योजना दिल्ली पहुँचकर वहाँ से नेपाल भाग जाने की थी। हालाँकि पुलिस ने उनकी यह कोशिश नाकाम कर दी।
गिरफ्तारी कैसे हुई
मुंबई क्राइम ब्रांच ने घटना के तुरंत बाद कई टीमें बनाकर संभावित ठिकानों और भागने के संभावित मार्गों पर निगरानी शुरू कर दी थी। राजस्थान पुलिस के सहयोग से तीनों आरोपियों को कोटा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में यात्रा के दौरान पकड़ लिया गया।
आगे की जांच
मुंबई पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि साजिश किसने रची, इसमें और कितने लोग शामिल थे और हमले का असली मकसद क्या था। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर बॉलीवुड हस्तियों को धमकियाँ देने की घटनाओं की संख्या में इज़ाफा हुआ है। जाँच के नतीजे यह तय करेंगे कि इस मामले में कितने बड़े नेटवर्क की भूमिका है।