टाइगर श्रॉफ पर हमला: लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने वसूली और दहशत के लिए बनाया था निशाना — मुंबई क्राइम ब्रांच
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई क्राइम ब्रांच ने 27 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर 18 अक्टूबर को हुए हमले के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ था, और इसका उद्देश्य वसूली, गैंग का वर्चस्व स्थापित करना तथा समाज में दहशत फैलाना था। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अंतरराज्यीय नेटवर्क के ज़रिए पूर्व नियोजित साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया।
हमले का घटनाक्रम
18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में उस समय गोलियाँ चलाई गईं जब टाइगर श्रॉफ की कार एक फुटबॉल ग्राउंड के परिसर से बाहर निकल रही थी। हमलावरों ने कार पर कई राउंड फायरिंग की। टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बचे — उन्हें कोई गोली नहीं लगी, हालाँकि कांच के टुकड़ों से उनके हाथ और छाती पर हल्की चोटें आईं। इस गोलीबारी में उनका ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कनेक्शन
मुंबई पुलिस के बयान के अनुसार, मामले में आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने अवैध और घातक हथियारों का इस्तेमाल कर पूर्व नियोजित साजिश के तहत अभिनेता को निशाना बनाया। आर्थिक लाभ हासिल करने, गैंग का वर्चस्व कायम करने और समाज में दहशत फैलाने के इरादे से इस वारदात को अंजाम दिया गया, ऐसा जांच में सामने आया है।
गिरफ्तारियाँ और मुख्य आरोपी
इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, इनमें से 8 आरोपी सीधे मुख्य आरोपी अनिल पंडित के संपर्क में थे, जो अभी भी फरार है। गिरफ्तारियाँ कई राज्यों में हुईं — शुरुआत में राजस्थान के कोटा से तीन शूटरों को दबोचा गया। इसके बाद दिल्ली स्पेशल सेल ने राजधानी क्षेत्र से कुणाल, सुमित, राधा और बबिता को गिरफ्तार किया। मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने हरियाणा के सोनीपत से तीन और आरोपियों को पकड़ा। 11वें आरोपी प्रांजल ठाकुर को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया गया।
व्यापक संदर्भ और सुरक्षा चिंताएँ
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सामने आ चुका है। बॉलीवुड से जुड़ी शख्सियतों को निशाना बनाने का यह क्रम मुंबई पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। अंतरराज्यीय नेटवर्क के ज़रिए साजिश रचे जाने की पुष्टि से इस गैंग की जड़ों की गहराई का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
आगे क्या
मुख्य आरोपी अनिल पंडित की तलाश अभी जारी है। अधिकारियों के अनुसार, जाँच के दायरे में और भी संदिग्धों को शामिल किया जा सकता है। क्राइम ब्रांच ने संकेत दिया है कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध से जुड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।