ट्रंप का ऐलान: वोटर धोखाधड़ी की सूचना देने वाले को मिलेगा $10 लाख इनाम, मध्यावधि चुनाव से पहले बड़ा कदम
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 27 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि जो व्यक्ति वोटर धोखाधड़ी की ऐसी विश्वसनीय सूचना देगा जिसके आधार पर किसी की गिरफ्तारी और सजा होगी, उसे एक मिलियन डॉलर (लगभग ₹8.3 करोड़) का इनाम दिया जाएगा। यह घोषणा 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से महज कुछ दिन पहले की गई है, और इसने चुनावी माहौल में नई बहस छेड़ दी है।
ट्रंप ने क्या कहा
सोमवार को एयरफोर्स वन में सवार होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, 'मैं एक मिलियन डॉलर का बोनस या इनाम देने जा रहा हूं। जो भी व्यक्ति वोटर धोखाधड़ी की जानकारी देगा और उसकी वजह से किसी की गिरफ्तारी तथा सजा होगी, उसे एक मिलियन डॉलर दिए जाएंगे।' जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या इस संदेश को सभी चुनावी रैलियों में दोहराया जाएगा, तो ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि हां, हम ऐसा कर रहे हैं और हमने उस प्रक्रिया की शुरुआत भी कर दी है।'
घोषणा के कानूनी और प्रशासनिक सवाल
हालाँकि, व्हाइट हाउस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इनाम की राशि किस माध्यम से दी जाएगी, कौन-सी एजेंसी इसका संचालन करेगी, और इसका कानूनी आधार क्या होगा। गौरतलब है कि अमेरिका में संघीय चुनावों में गैर-नागरिकों द्वारा मतदान करना पहले से ही एक संघीय अपराध है। मौजूदा कानून के तहत ऐसा करने पर जुर्माना, जेल और देश से निष्कासन जैसी सज़ाएँ हो सकती हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप लंबे समय से अमेरिकी चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने सोमवार को यह भी दावा किया कि ब्राजील में वोटों की गिनती 'ठीक नहीं दिखी', और इजरायल के चुनावों में दो उम्मीदवारों का समर्थन करने के अपने फैसले का बचाव किया।
भारतीय समुदाय पर संभावित असर
ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिका में रहने वाले प्रवासी समुदायों का ध्यान खींच सकती है, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग भी शामिल हैं। ग्रीन कार्ड धारक और अस्थायी कार्य वीज़ा पर रहने वाले भारतीय नागरिक संघीय चुनावों में मतदान के पात्र नहीं होते। कुछ सामुदायिक संगठनों ने पहले चिंता जताई है कि मतदाता सूची की सख्त जाँच के दौरान कहीं प्राकृतिक रूप से नागरिकता हासिल कर चुके वैध अमेरिकी नागरिकों को गलती से संदिग्ध न मान लिया जाए।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि वह चुनाव से पहले मतदाताओं को डराने के लिए कानून-प्रवर्तन एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहा है। कई राज्यों के चुनाव अधिकारियों का कहना है कि गैर-नागरिकों द्वारा मतदान के मामले बेहद कम सामने आते हैं, और इस तरह की घोषणाएँ चुनावी माहौल में अनावश्यक भय पैदा कर सकती हैं।
मध्यावधि चुनाव और आगे का परिदृश्य
3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी और सीनेट की एक-तिहाई सीटों का भविष्य तय होगा। देशभर में कई भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार भी इन चुनावों में मैदान में हैं। मंगलवार को ट्रंप की टेक्सास के कॉर्पस क्रिस्टी और लुबॉक में रैलियाँ निर्धारित हैं, जबकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मिशिगन के हॉवेल में चुनाव प्रचार करेंगे। इस इनाम घोषणा का वास्तविक कानूनी और प्रशासनिक स्वरूप क्या होगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।