ट्रंप ने 'अमेरिका बचाओ अधिनियम' के लिए कांग्रेस से की अपील, वोटर आईडी और नागरिकता सबूत अनिवार्य करने की माँग
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 27 जून 2026 को वाशिंगटन में आयोजित फेथ एंड फ्रीडम कोएलिशन के 'रोड टू मेजॉरिटी' सम्मेलन में अमेरिकी चुनाव प्रणाली में व्यापक सुधारों की माँग दोहराई। उन्होंने कांग्रेस से 'अमेरिका बचाओ अधिनियम' (Save America Act) पारित करने की अपील की, जिसमें मतदाताओं के लिए फोटो पहचान पत्र और नागरिकता का प्रमाण अनिवार्य करने का प्रावधान है। ट्रंप ने कहा, 'अब हमें अपने अमेरिकी चुनावों को बचाने के लिए अमेरिका बचाओ अधिनियम पास करना होगा।'
प्रस्तावित सुधारों में क्या है
ट्रंप ने सम्मेलन में स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून के तहत सभी मतदाताओं को फोटो आईडी और नागरिकता का सबूत देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही मेल-इन बैलेट की सुविधा को सीमित करने का प्रस्ताव भी इस अधिनियम में शामिल है।
उन्होंने कहा, 'मेल-इन बैलेट की इजाज़त सिर्फ कुछ मामलों में ही मिलनी चाहिए। हम बीमारी, विकलांगता और मिलिट्री में तैनाती या यात्रा के अलावा कोई मेल-इन बैलेट नहीं चाहते हैं। हम बहुत समझदारी से काम लेंगे।'
विरोधियों पर निशाना
ट्रंप ने इस सुधार प्रस्ताव का विरोध करने वाले डेमोक्रेट और कुछ रिपब्लिकन सांसदों की आलोचना की। उन्होंने विशेष रूप से अलास्का की सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की का नाम लेते हुए समर्थकों से उन पर दबाव बनाने की अपील की।
ट्रंप ने कहा, 'जहाँ आपको डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन मिल रहे हैं जो इस देश का बहुत बुरा कर रहे हैं, वहीं हमारे पास कुछ रिपब्लिकन हैं जो इससे लड़ रहे हैं। अलास्का की लिसा मुर्कोव्स्की।' उन्होंने समर्थकों से कहा, 'आपको उन्हें फोन करके कहना चाहिए कि वह काम पर लग जाएँ। उन्हें वोट देना ही होगा।'
कैलिफोर्निया की चुनाव प्रणाली पर आरोप
ट्रंप ने कैलिफोर्निया की मतगणना प्रक्रिया की तीखी आलोचना की और बिना सबूत पेश किए धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'देखिए कैलिफोर्निया में क्या हो रहा है, जहाँ अभी भी बैलेट नहीं आए हैं। रिज़ल्ट अभी भी नहीं आए हैं — क्या आप यकीन कर सकते हैं, हफ्तों बाद भी गिनती पूरी नहीं हुई।'
तुलनात्मक तर्क देते हुए ट्रंप ने कोलंबिया का उदाहरण दिया और दावा किया कि उस दक्षिण अमेरिकी देश ने चुनाव की रात 3 करोड़ वोटों की गिनती शाम 9:30 बजे तक पूरी कर ली थी। उन्होंने तर्क दिया कि लंबी मतगणना प्रक्रिया से हेरफेर की आशंका बढ़ती है। उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
ट्रंप ने अपने भाषण में स्पेंसर प्रैट और स्टीव हिल्टन का उल्लेख किया और कहा, 'मैंने अमेरिकी अटॉर्नी को फोन किया और कहा कि आपको इसकी जाँच करनी होगी क्योंकि स्टीव हिल्टन ने बहुत अच्छा काम किया।' उन्होंने यह भी दोहराया कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धाँधली हुई थी — एक दावा जिसे अदालतों और चुनाव अधिकारियों ने बार-बार खारिज किया है।
मध्यावधि चुनावों पर नज़र
ट्रंप ने चुनाव सुधार के मुद्दे को आगामी मध्यावधि चुनावों के केंद्र में रखा। उन्होंने समर्थकों से मतदान करने और अपने प्रशासन की नीतियों की रक्षा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, 'हर किसी को बाहर निकलने और मध्यावधि चुनाव में मतदान करने की जरूरत है। हमें यह चुनाव जीतना है। यह चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है।'
यह भाषण धर्म, आव्रजन (इमिग्रेशन), राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं सालगिरह जैसे व्यापक विषयों पर केंद्रित एक बड़े संबोधन का हिस्सा था। आलोचकों का कहना है कि प्रस्तावित वोटर आईडी और नागरिकता जाँच के प्रावधान अल्पसंख्यक और निम्न-आय वर्ग के मतदाताओं के लिए मतदान कठिन बना सकते हैं।