27 जून 2026
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ट्रंप ने 'अमेरिका बचाओ अधिनियम' के लिए कांग्रेस से की अपील, वोटर आईडी और नागरिकता सबूत अनिवार्य करने की माँग

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ट्रंप ने 'अमेरिका बचाओ अधिनियम' के लिए कांग्रेस से की अपील, वोटर आईडी और नागरिकता सबूत अनिवार्य करने की माँग

सारांश

ट्रंप ने फेथ एंड फ्रीडम कोएलिशन सम्मेलन में 'अमेरिका बचाओ अधिनियम' की माँग दोहराई — वोटर आईडी, नागरिकता सबूत अनिवार्य और मेल-इन बैलेट पर कड़ी शर्तें। अलास्का की सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की पर दबाव बनाने की अपील और कैलिफोर्निया की मतगणना पर बिना सबूत धाँधली के आरोप भी लगाए।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 27 जून 2026 को फेथ एंड फ्रीडम कोएलिशन सम्मेलन में 'अमेरिका बचाओ अधिनियम' पास करने की माँग की।
प्रस्ताव में सभी मतदाताओं के लिए फोटो आईडी और नागरिकता का सबूत अनिवार्य करना शामिल है।
मेल-इन बैलेट केवल बीमारी, विकलांगता और सैन्य तैनाती जैसे सीमित मामलों तक प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव।
ट्रंप ने अलास्का की सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की का नाम लेकर उन पर दबाव बनाने की अपील की।
कैलिफोर्निया की मतगणना पर बिना सबूत धाँधली के आरोप; 2020 चुनाव में धाँधली का दावा भी दोहराया — जिसे अदालतें खारिज कर चुकी हैं।
आलोचकों का कहना है कि ये प्रावधान अल्पसंख्यक और कम आय वर्ग के मतदाताओं के लिए मतदान कठिन बना सकते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 27 जून 2026 को वाशिंगटन में आयोजित फेथ एंड फ्रीडम कोएलिशन के 'रोड टू मेजॉरिटी' सम्मेलन में अमेरिकी चुनाव प्रणाली में व्यापक सुधारों की माँग दोहराई। उन्होंने कांग्रेस से 'अमेरिका बचाओ अधिनियम' (Save America Act) पारित करने की अपील की, जिसमें मतदाताओं के लिए फोटो पहचान पत्र और नागरिकता का प्रमाण अनिवार्य करने का प्रावधान है। ट्रंप ने कहा, 'अब हमें अपने अमेरिकी चुनावों को बचाने के लिए अमेरिका बचाओ अधिनियम पास करना होगा।'

प्रस्तावित सुधारों में क्या है

ट्रंप ने सम्मेलन में स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून के तहत सभी मतदाताओं को फोटो आईडी और नागरिकता का सबूत देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही मेल-इन बैलेट की सुविधा को सीमित करने का प्रस्ताव भी इस अधिनियम में शामिल है।

उन्होंने कहा, 'मेल-इन बैलेट की इजाज़त सिर्फ कुछ मामलों में ही मिलनी चाहिए। हम बीमारी, विकलांगता और मिलिट्री में तैनाती या यात्रा के अलावा कोई मेल-इन बैलेट नहीं चाहते हैं। हम बहुत समझदारी से काम लेंगे।'

विरोधियों पर निशाना

ट्रंप ने इस सुधार प्रस्ताव का विरोध करने वाले डेमोक्रेट और कुछ रिपब्लिकन सांसदों की आलोचना की। उन्होंने विशेष रूप से अलास्का की सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की का नाम लेते हुए समर्थकों से उन पर दबाव बनाने की अपील की।

ट्रंप ने कहा, 'जहाँ आपको डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन मिल रहे हैं जो इस देश का बहुत बुरा कर रहे हैं, वहीं हमारे पास कुछ रिपब्लिकन हैं जो इससे लड़ रहे हैं। अलास्का की लिसा मुर्कोव्स्की।' उन्होंने समर्थकों से कहा, 'आपको उन्हें फोन करके कहना चाहिए कि वह काम पर लग जाएँ। उन्हें वोट देना ही होगा।'

कैलिफोर्निया की चुनाव प्रणाली पर आरोप

ट्रंप ने कैलिफोर्निया की मतगणना प्रक्रिया की तीखी आलोचना की और बिना सबूत पेश किए धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'देखिए कैलिफोर्निया में क्या हो रहा है, जहाँ अभी भी बैलेट नहीं आए हैं। रिज़ल्ट अभी भी नहीं आए हैं — क्या आप यकीन कर सकते हैं, हफ्तों बाद भी गिनती पूरी नहीं हुई।'

तुलनात्मक तर्क देते हुए ट्रंप ने कोलंबिया का उदाहरण दिया और दावा किया कि उस दक्षिण अमेरिकी देश ने चुनाव की रात 3 करोड़ वोटों की गिनती शाम 9:30 बजे तक पूरी कर ली थी। उन्होंने तर्क दिया कि लंबी मतगणना प्रक्रिया से हेरफेर की आशंका बढ़ती है। उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

ट्रंप ने अपने भाषण में स्पेंसर प्रैट और स्टीव हिल्टन का उल्लेख किया और कहा, 'मैंने अमेरिकी अटॉर्नी को फोन किया और कहा कि आपको इसकी जाँच करनी होगी क्योंकि स्टीव हिल्टन ने बहुत अच्छा काम किया।' उन्होंने यह भी दोहराया कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धाँधली हुई थी — एक दावा जिसे अदालतों और चुनाव अधिकारियों ने बार-बार खारिज किया है।

मध्यावधि चुनावों पर नज़र

ट्रंप ने चुनाव सुधार के मुद्दे को आगामी मध्यावधि चुनावों के केंद्र में रखा। उन्होंने समर्थकों से मतदान करने और अपने प्रशासन की नीतियों की रक्षा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, 'हर किसी को बाहर निकलने और मध्यावधि चुनाव में मतदान करने की जरूरत है। हमें यह चुनाव जीतना है। यह चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है।'

यह भाषण धर्म, आव्रजन (इमिग्रेशन), राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं सालगिरह जैसे व्यापक विषयों पर केंद्रित एक बड़े संबोधन का हिस्सा था। आलोचकों का कहना है कि प्रस्तावित वोटर आईडी और नागरिकता जाँच के प्रावधान अल्पसंख्यक और निम्न-आय वर्ग के मतदाताओं के लिए मतदान कठिन बना सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नागरिकता सबूत की अनिवार्यता को लेकर अदालतों में बार-बार चुनौती मिली है। कैलिफोर्निया पर बिना सबूत के लगाए गए आरोप और 2020 की धाँधली का दोहराव यह संकेत देता है कि यह भाषण नीतिगत बहस कम और मध्यावधि चुनावों से पहले समर्थक आधार को सक्रिय करने की रणनीति अधिक है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि अधिनियम का मसौदा अभी कांग्रेस में पर्याप्त समर्थन से दूर है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'अमेरिका बचाओ अधिनियम' क्या है?
यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित एक चुनाव सुधार विधेयक है, जिसमें सभी मतदाताओं के लिए फोटो पहचान पत्र और नागरिकता का सबूत अनिवार्य करने तथा मेल-इन बैलेट को सीमित मामलों तक प्रतिबंधित करने का प्रावधान है। ट्रंप ने 27 जून 2026 को इसे पास करने की अपील की।
ट्रंप ने वोटर आईडी पर यह माँग कब और कहाँ उठाई?
ट्रंप ने 27 जून 2026 को वाशिंगटन में फेथ एंड फ्रीडम कोएलिशन के 'रोड टू मेजॉरिटी' सम्मेलन में यह माँग दोहराई। यह भाषण धर्म, आव्रजन और राष्ट्रीय सुरक्षा सहित व्यापक विषयों पर केंद्रित एक बड़े संबोधन का हिस्सा था।
लिसा मुर्कोव्स्की को ट्रंप ने क्यों निशाना बनाया?
अलास्का की रिपब्लिकन सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की ने 'अमेरिका बचाओ अधिनियम' का समर्थन नहीं किया है। ट्रंप ने समर्थकों से उन्हें फोन कर दबाव बनाने की अपील की ताकि वे अधिनियम के पक्ष में मतदान करें।
ट्रंप के कैलिफोर्निया पर लगाए गए आरोपों की क्या स्थिति है?
ट्रंप ने बिना सबूत पेश किए कैलिफोर्निया की मतगणना प्रक्रिया पर धाँधली का आरोप लगाया और 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में भी धाँधली का दावा दोहराया। इन दावों को अमेरिकी अदालतों और चुनाव अधिकारियों ने बार-बार खारिज किया है।
आलोचक इस प्रस्ताव पर क्या कह रहे हैं?
आलोचकों का कहना है कि वोटर आईडी और नागरिकता सबूत की अनिवार्यता अल्पसंख्यक, बुजुर्ग और कम आय वर्ग के मतदाताओं के लिए मतदान कठिन बना सकती है। डेमोक्रेट और कुछ रिपब्लिकन सांसद इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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