11 अगस्त 2026
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उत्तर प्रदेश मदरसों में 'हर घर तिरंगा': मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा — 'तिरंगा हमारा गौरव है'

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उत्तर प्रदेश मदरसों में 'हर घर तिरंगा': मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा — 'तिरंगा हमारा गौरव है'

सारांश

उत्तर प्रदेश के मदरसों में 'हर घर तिरंगा' अभियान सिर्फ एक सरकारी निर्देश नहीं — यह एक सामाजिक संदेश भी है। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने बिना किसी हिचकिचाहट के इसे अपनाया और कहा कि तिरंगा फहराना उनका गौरव और अधिकार दोनों है।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश अंसारी ने राज्यभर के मदरसों में 'हर घर तिरंगा' अभियान आयोजित करने की घोषणा की।
हाजी ताहिरुद्दीन (खुद्दाम-ए-रोजा ताजमहल उर्स कमेटी) ने कहा — 'तिरंगा हमारा गौरव है और इसे फहराना हमारा अधिकार है।' धर्मगुरु मोहम्मद जमील हयात ने भी समर्थन किया; कहा — 15 अगस्त को हर घर, स्कूल और मदरसे में ध्वज फहरना चाहिए।
मदरसों में राष्ट्रगान , ध्वजारोहण और देशभक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
धर्मगुरुओं ने कहा कि समुदाय में अभियान में भाग लेने को लेकर कोई हिचकिचाहट नहीं है।

उत्तर प्रदेश के मुस्लिम धर्मगुरुओं ने राज्य सरकार के उस फैसले का खुलकर स्वागत किया है, जिसके तहत प्रदेश के मदरसों में 'हर घर तिरंगा' अभियान आयोजित किया जाएगा। धर्मगुरुओं का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज फहराना उन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि देने का सबसे उचित तरीका है, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। यह प्रतिक्रिया 11 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश अंसारी की उस घोषणा के बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने राज्यभर के मदरसों में यह अभियान चलाने और छात्रों को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया।

धर्मगुरुओं की प्रतिक्रिया

खुद्दाम-ए-रोजा ताजमहल उर्स कमेटी के अध्यक्ष हाजी ताहिरुद्दीन ने इस पहल का जोरदार समर्थन किया। उन्होंने कहा, "अगर मंत्री दानिश अंसारी ने इसे अनिवार्य नहीं भी किया होता, तब भी हर स्कूल, कॉलेज और मदरसे पर राष्ट्रीय ध्वज फहराता। तिरंगा हमारा गौरव है और इसे फहराना हमारा अधिकार है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस्लाम उन्हें उस देश के नियमों और कानूनों का पालन करना सिखाता है जिसमें वे रहते हैं, इसलिए अभियान में भागीदारी को लेकर समुदाय में कोई हिचकिचाहट नहीं है।

धर्मगुरु मोहम्मद जमील हयात ने भी उत्तर प्रदेश सरकार के इस कदम का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय ध्वज फहराना हमारी जिम्मेदारी है। 15 अगस्त को अंग्रेजों से आज़ादी मिलना हमारे लिए बहुत खुशी का पल है। उन स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में, जिनके बलिदानों से भारत को आज़ादी मिली, घरों और शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाना चाहिए — ताकि आने वाली पीढ़ियाँ इससे प्रेरणा ले सकें।"

अभियान में क्या होगा

उत्तर प्रदेश के मदरसों में इस अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय ध्वज फहराने, राष्ट्रगान गाने, देशभक्ति से जुड़ी गतिविधियों और प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को उजागर करने वाले जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों और युवाओं को भारत के स्वतंत्रता संग्राम से परिचित कराना और उनमें राष्ट्रीय गौरव की भावना जागृत करना है।

सरकार का फैसला और उसकी पृष्ठभूमि

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब पूरे उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियाँ तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। 'हर घर तिरंगा' अभियान का मूल उद्देश्य नागरिकों को अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज लाने और उसे राष्ट्रीय गौरव व स्वतंत्रता दिवस समारोह में भागीदारी के प्रतीक के रूप में फहराने के लिए प्रेरित करना है। गौरतलब है कि यह अभियान केंद्र सरकार की व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसे राज्य सरकार अब मदरसों तक विस्तारित कर रही है।

आम जनता और छात्रों पर असर

धर्मगुरुओं का मानना है कि इस अभियान में शामिल होने से छात्रों को स्वतंत्रता दिवस का महत्व समझने और देश की आज़ादी की लड़ाई में दिए गए बलिदानों को याद करने का अवसर मिलेगा। यह पहल मदरसों को राष्ट्रीय उत्सव की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है। आगामी 15 अगस्त 2026 को इस अभियान के तहत प्रदेशभर के मदरसों में एक साथ ध्वजारोहण की तैयारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। यह पहल तब आई है जब राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सौहार्द पर बहस तेज़ है — ऐसे में धर्मगुरुओं का स्वैच्छिक और स्पष्ट समर्थन महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सार्थक सामाजिक संदेश है। हालाँकि, यह भी देखना होगा कि घोषणा से ज़मीनी क्रियान्वयन तक की दूरी कितनी है — क्या वास्तव में प्रदेश के सभी मदरसों में यह अभियान समान उत्साह से लागू होगा, यह निगरानी का विषय है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश के मदरसों में 'हर घर तिरंगा' अभियान क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की वह पहल है जिसके तहत राज्यभर के मदरसों में 15 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय ध्वज फहराने, राष्ट्रगान गाने और देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश अंसारी ने इसकी घोषणा की और छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मुस्लिम धर्मगुरुओं ने इस अभियान पर क्या कहा?
हाजी ताहिरुद्दीन ने कहा कि 'तिरंगा हमारा गौरव है और इसे फहराना हमारा अधिकार है।' धर्मगुरु मोहम्मद जमील हयात ने भी समर्थन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में हर घर, स्कूल और मदरसे में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाना चाहिए।
इस अभियान से मदरसे के छात्रों को क्या फायदा होगा?
धर्मगुरुओं के अनुसार, इस अभियान में शामिल होने से छात्रों को स्वतंत्रता दिवस का महत्व समझने और देश की आज़ादी की लड़ाई में दिए गए बलिदानों को याद करने का मौका मिलेगा। यह पहल युवाओं में राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति की भावना को मज़बूत करने के उद्देश्य से की गई है।
क्या मदरसों में तिरंगा फहराना अनिवार्य किया गया है?
मंत्री दानिश अंसारी ने मदरसों में यह अभियान आयोजित करने और छात्रों को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया है। हाजी ताहिरुद्दीन ने कहा कि भले ही इसे अनिवार्य न किया जाता, तब भी वे तिरंगा फहराते — समुदाय में इसे लेकर कोई हिचकिचाहट नहीं है।
'हर घर तिरंगा' अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
'हर घर तिरंगा' अभियान का उद्देश्य नागरिकों को अपने घरों, स्कूलों और संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित करना है, ताकि स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय गौरव और सामूहिक भागीदारी का संदेश मज़बूत हो। उत्तर प्रदेश में इसे अब मदरसों तक विस्तारित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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