हर घर तिरंगा 2026: यूपी में 50 हजार SHG महिलाएं बनाएंगी 2 करोड़ तिरंगे, 75 जिलों में अभियान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) ने 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' के तहत प्रदेश के 75 जिलों में 2 करोड़ राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह निर्माण कार्य 50 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं द्वारा किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय पर्व की तैयारी के साथ-साथ महिलाओं को अतिरिक्त आजीविका का अवसर भी मिलेगा।
अभियान का दायरा और लक्ष्य
मिशन के अनुसार, सभी तिरंगों का निर्माण भारतीय ध्वज संहिता में निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाएगा। तैयार किए गए राष्ट्रीय ध्वज सरकारी विभागों, सरकारी संस्थानों, स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों के माध्यम से वितरित किए जाएंगे, ताकि प्रत्येक घर तक राष्ट्रध्वज सम्मानपूर्वक पहुँच सके। यह अभियान केवल ध्वज वितरण तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह अभियान महिला सशक्तिकरण, स्थानीय रोज़गार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि तिरंगा निर्माण से हज़ारों ग्रामीण महिलाओं को सम्मानजनक आय का अवसर मिलेगा और वे राष्ट्र निर्माण के इस महाअभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएंगी। मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए।
मिशन निदेशक के निर्देश
मिशन निदेशक अरुण कुमार ने सभी जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों और जिला मिशन प्रबंधन इकाइयों को जनपदवार लक्ष्य के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तिरंगा निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उत्पादन, गुणवत्ता, आपूर्ति और भुगतान की नियमित समीक्षा करने के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी विशेष ज़ोर दिया है।
ग्रामीण महिलाओं पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में महिला आत्मनिर्भरता को नीतिगत प्राथमिकता दे रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से तिरंगा निर्माण एक ओर जहाँ राष्ट्रीय संकल्प को मज़बूती देगा, वहीं दूसरी ओर हज़ारों ग्रामीण परिवारों की आय में सीधी वृद्धि करेगा। गौरतलब है कि यूपीएसआरएलएम पहले भी आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को विभिन्न उत्पादन गतिविधियों से जोड़ता रहा है — तिरंगा निर्माण इस श्रृंखला की नई कड़ी है।
आगे की राह
अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जिला स्तर पर समन्वय कितनी तेज़ी से होता है और SHG महिलाओं को भुगतान समय पर मिलता है या नहीं। 28 जुलाई 2026 को शुरू हुए इस अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस 2026 से पहले सभी 2 करोड़ तिरंगों का निर्माण और वितरण पूरा करने का लक्ष्य है।