जौनपुर की 300 ग्रामीण महिलाएं बना रही हैं 5 लाख तिरंगे, 'हर घर तिरंगा' अभियान को मिली नई ताकत
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में 62 स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी करीब 300 ग्रामीण महिलाएं केंद्र सरकार के 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत 5 लाख राष्ट्रध्वज तैयार करने में जुटी हैं। 15 अगस्त 2026 के स्वतंत्रता दिवस से पहले इन तिरंगों को जिले के सभी ब्लॉकों में वितरित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक घरों और प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जा सके। यह अभियान न केवल देशभक्ति की भावना को मजबूत कर रहा है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका का एक सशक्त माध्यम भी बन रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
जौनपुर जिले को इस वर्ष 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत 5 लाख झंडे तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने की जिम्मेदारी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय 62 संकुल स्तरीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपी गई है। प्रत्येक समूह को उसकी क्षमता के अनुसार झंडे बनाने का काम दिया गया है और सभी महिलाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने के लिए सामूहिक प्रयास कर रही हैं।
महिलाओं की आवाज़: विजयलक्ष्मी की कहानी
बजरंग स्वयं सहायता समूह की सदस्य विजयलक्ष्मी मौर्या ने बताया कि उनके समूह को इस बार 17,000 तिरंगे तैयार करने का लक्ष्य मिला है, जिसमें 10 से अधिक महिलाएं सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समूह की महिलाएं आपस में काम बांटकर इसे समय पर पूरा करती हैं। विजयलक्ष्मी के अनुसार, इस काम से उन्हें करीब ₹30,000 से ₹40,000 तक की आय हो जाती है, जो उनके परिवार के लिए आर्थिक रूप से बड़ी मदद है।
आम जनता और महिलाओं पर असर
ग्रामीण स्तर पर स्वयं सहायता समूहों की इस सक्रियता ने महिलाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। संकुल स्तर पर प्रति तिरंगा करीब ₹20 का भुगतान किया जा रहा है, जिसमें से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रति झंडा ₹2 से ₹3 की राशि सुनिश्चित की जा रही है। बड़ी संख्या में झंडे तैयार करने पर महिलाओं की सामूहिक आय उल्लेखनीय हो जाती है। गौरतलब है कि यह मॉडल ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय अभियान को एक साथ साधने का प्रयास है।
सरकार की प्रतिक्रिया
स्वतः रोजगार उपायुक्त जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जौनपुर जिले को 5 लाख झंडे तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है और इसके लिए मुख्य रूप से संकुल स्तरीय स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से काम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में समूहों को उनकी क्षमता के अनुसार जिम्मेदारी दी गई है और महिलाएं पूरी तत्परता से इस कार्य में लगी हैं।
क्या होगा आगे
तैयार किए गए सभी तिरंगे जिले के समस्त ब्लॉकों में 15 अगस्त 2026 से पहले वितरित किए जाएंगे। यह पहल यह भी दर्शाती है कि 'हर घर तिरंगा' जैसे राष्ट्रीय अभियान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सक्रिय करने का एक माध्यम बन सकते हैं, बशर्ते कि महिला समूहों को उचित और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो।