7 अगस्त 2026
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ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने के लिए दो नए कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए, सुप्रीम कोर्ट की हार के बाद नई रणनीति

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ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने के लिए दो नए कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए, सुप्रीम कोर्ट की हार के बाद नई रणनीति

सारांश

सुप्रीम कोर्ट से 6-3 की हार के बाद भी ट्रंप ने हार नहीं मानी — उन्होंने दो नए कार्यकारी आदेशों से बर्थ टूरिज्म पर प्रतिबंध लगाया और नागरिकता के लिए अयोग्यता की परिभाषा का विस्तार किया। यह अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन की 158 साल पुरानी व्याख्या को सीधी चुनौती है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 अगस्त 2026 को जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने के लिए दो नए कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए।
पहला आदेश बर्थ टूरिज्म को लक्षित करता है — नॉन-इमिग्रेंट वीजा पर अमेरिका में बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से प्रवेश पर रोक।
दूसरा आदेश नागरिकता के लिए अयोग्य व्यक्तियों की परिभाषा बढ़ाता है — विदेशी सरकारी कर्मचारियों, आतंकवादी संगठन के सदस्यों और धोखाधड़ी करने वालों के बच्चे शामिल।
30 जून को सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 बहुमत से ट्रंप का पिछला जन्मसिद्ध नागरिकता आदेश खारिज किया था।
अमेरिकी संविधान का 14वाँ संशोधन (1868) अमेरिकी धरती पर जन्मे सभी व्यक्तियों को नागरिकता की गारंटी देता है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, नए आदेशों को भी अदालतों में चुनौती मिलने की संभावना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 अगस्त 2026 को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में दो नए कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए, जिनका उद्देश्य अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता (बर्थराइट सिटीजनशिप) के दायरे को संकुचित करना है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा 30 जून को 6-3 के बहुमत से ट्रंप के पिछले आदेश को खारिज किए जाने के ठीक बाद उठाया गया है।

ट्रंप ने क्या कहा

आदेशों पर हस्ताक्षर करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'जन्म के अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हमारा बहुत बुरा फैसला आया, यह बहुत करीबी था। इसलिए हम बदलाव कर रहे हैं।' यह बयान स्पष्ट करता है कि प्रशासन न्यायिक पराजय के बाद भी अपनी नीति से पीछे हटने को तैयार नहीं है।

दो आदेशों में क्या है

व्हाइट हाउस के अनुसार, पहला आदेश 'बर्थ टूरिज्म' को लक्षित करता है। इसके तहत किसी भी विदेशी नागरिक का नॉन-इमिग्रेंट वीजा पर अमेरिका में प्रवेश करना — जिसका उद्देश्य अमेरिकी धरती पर बच्चे को जन्म देकर नागरिकता प्राप्त करना हो — प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे प्रवेश को सुविधाजनक बनाने का कोई भी प्रयास भी इस आदेश के दायरे में आएगा।

दूसरा आदेश जन्म के आधार पर नागरिकता के लिए अयोग्य व्यक्तियों की परिभाषा का विस्तार करता है। इसमें विदेशी सरकारों के कर्मचारियों के बच्चे, किसी घोषित विदेशी आतंकवादी संगठन के सदस्यों के बच्चे, तथा नागरिकता प्राप्त करने के लिए धोखाधड़ी करने वाले लोगों के बच्चे शामिल हैं।

संवैधानिक पृष्ठभूमि

अमेरिकी संविधान का 14वाँ संशोधन, जो 1868 में लागू हुआ था, स्पष्ट रूप से कहता है: 'संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्मे या वहाँ की नागरिकता पाने वाले सभी व्यक्ति, और जो इसके कानूनों के अधीन हैं, वे अमेरिका और उस राज्य के नागरिक होंगे जहाँ वे रहते हैं।' ट्रंप प्रशासन की व्याख्या इस संशोधन की पारंपरिक समझ को चुनौती देती है।

पिछले आदेश का हश्र

गौरतलब है कि 20 जनवरी 2025 को अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत पर ट्रंप ने पहला जन्मसिद्ध नागरिकता आदेश जारी किया था, जिसमें अवैध रूप से रहने वाले या अस्थायी वीजा पर मौजूद लोगों के बच्चों को नागरिकता देने से मना किया गया था। कई माता-पिता ने अदालतों में शिकायत दर्ज कराई — कुछ ने अपनी तरफ से, कुछ ने अपने बच्चों की ओर से। कई निचली अदालतों ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया और वह आदेश कभी लागू नहीं हो सका।

अंततः 30 जून को सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से उस आदेश को खारिज कर बर्थराइट सिटीजनशिप को बरकरार रखा। यह ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ा न्यायिक झटका था।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में इमिग्रेशन नीति पर राजनीतिक ध्रुवीकरण चरम पर है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, नए आदेशों को भी अदालतों में चुनौती मिलने की प्रबल संभावना है, क्योंकि वे उसी संवैधानिक धरातल पर खड़े हैं जिसे सुप्रीम कोर्ट पहले ही परख चुका है। इन आदेशों की कानूनी वैधता और व्यावहारिक प्रभाव आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रशासन उसे नए रास्ते से खोलने की कोशिश कर रहा है। 14वें संशोधन की भाषा स्पष्ट है, और इसे कार्यकारी आदेश से नहीं बदला जा सकता — यह संवैधानिक विद्वानों की लगभग सर्वसम्मत राय है। असली सवाल यह है कि क्या ये नए आदेश अदालतों में टिक पाएँगे, या यह महज राजनीतिक संदेश देने की कवायद है। इमिग्रेशन पर बार-बार न्यायिक झटके खाने के बावजूद प्रशासन का यही तरीका बताता है कि लक्ष्य कानून बदलना कम, और मतदाताओं को संदेश देना ज़्यादा है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप के नए जन्मसिद्ध नागरिकता आदेश क्या हैं?
7 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए — पहला बर्थ टूरिज्म पर रोक लगाता है और दूसरा नागरिकता के लिए अयोग्य व्यक्तियों की परिभाषा का विस्तार करता है। ये आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले आदेश को खारिज किए जाने के बाद लाए गए हैं।
बर्थ टूरिज्म क्या होता है और इस पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया?
बर्थ टूरिज्म का अर्थ है किसी विदेशी नागरिक का नॉन-इमिग्रेंट वीजा पर अमेरिका में केवल इसलिए प्रवेश करना ताकि वहाँ बच्चे को जन्म देकर उसे अमेरिकी नागरिकता दिलाई जा सके। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि यह जन्मसिद्ध नागरिकता के प्रावधान का दुरुपयोग है।
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप का पिछला आदेश क्यों खारिज किया था?
30 जून को सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप के जनवरी 2025 के आदेश को खारिज करते हुए बर्थराइट सिटीजनशिप को बरकरार रखा था। कोर्ट ने माना कि अमेरिकी धरती पर जन्मे बच्चों को 14वें संशोधन के तहत नागरिकता का अधिकार है।
14वाँ संशोधन क्या कहता है और यह विवाद में क्यों है?
1868 में लागू 14वें संशोधन के अनुसार, अमेरिका में जन्मे या नागरिकता पाने वाले और अमेरिकी कानूनों के अधीन सभी व्यक्ति अमेरिकी नागरिक हैं। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि अवैध या अस्थायी प्रवासियों के बच्चे 'कानूनों के अधीन' नहीं आते, जबकि अधिकांश संवैधानिक विशेषज्ञ इस व्याख्या से असहमत हैं।
क्या नए आदेशों को भी अदालत में चुनौती मिलेगी?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, नए आदेशों को भी अदालतों में चुनौती मिलने की प्रबल संभावना है, क्योंकि वे उसी संवैधानिक आधार पर टिके हैं जिसे सुप्रीम कोर्ट पहले ही परख चुका है। पिछले आदेश के मामले में भी निचली अदालतों ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया था।
राष्ट्र प्रेस
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