27 अक्टूबर 2026
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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: सभी आरोपियों पर मकोका लगाया, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कनेक्शन

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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: सभी आरोपियों पर मकोका लगाया, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कनेक्शन

सारांश

टाइगर श्रॉफ पर जुहू में हुई फायरिंग अब सिर्फ एक हमले का मामला नहीं रहा — मकोका लगने के बाद यह संगठित अपराध की जाँच बन गई है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कनेक्शन के दावों के बीच यह केस बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के खतरनाक चौराहे पर खड़ा है।

मुख्य बातें

मुंबई पुलिस ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस के सभी आरोपियों पर मकोका, 1999 की तीन धाराएं जोड़ीं।
फायरिंग 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी; बाइक सवार हमलावरों ने कार पर पाँच-छह राउंड गोलियाँ चलाईं।
अभिनेता सुरक्षित रहे, लेकिन उनका ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए।
गिरफ्तार आरोपियों में रेहान उर्फ सुक्का , फूल सिंह और ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन शामिल हैं।
कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित का नाम भी जाँच में सामने आया है।
पहले बीएनएस और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज केस में अब मकोका जुड़ने से आरोपियों के लिए जमानत और कठिन हो गई।

मुंबई पुलिस ने बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में मंगलवार को सभी आरोपियों के विरुद्ध महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका), 1999 की तीन गंभीर धाराएं जोड़ दीं, जो इस मामले को एक साधारण हमले से संगठित अपराध की श्रेणी में ले जाती हैं। 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में हुई इस फायरिंग में अभिनेता बाल-बाल बचे थे, जबकि उनका ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया था।

मकोका कैसे जोड़ा गया

मुंबई पुलिस ने आरोपियों पर मकोका लगाने हेतु सक्षम अधिकारी से पूर्व में अनुमति माँगी थी। मंगलवार को वह मंजूरी मिलते ही पुलिस ने इस कठोर कानून की तीन धाराएं सभी आरोपियों के खिलाफ दर्ज कर दीं। इससे पहले मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज था। मकोका जुड़ने से अब आरोपियों को जमानत मिलना काफी कठिन हो जाएगा और दोष सिद्ध होने पर सज़ा भी कड़ी होगी।

घटनाक्रम: 18 अक्टूबर की वह रात

रिपोर्टों के अनुसार 18 अक्टूबर 2026 की रात टाइगर श्रॉफ एक फुटबॉल क्लब से लौट रहे थे, तभी जुहू इलाके में बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार पर पाँच से छह राउंड गोलियाँ चलाईं और फरार हो गए। इस हमले में अभिनेता सुरक्षित रहे, लेकिन उनका ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस ने तत्काल जाँच शुरू की।

गिरफ्तारियाँ और जाँच का दायरा

शुरुआती गिरफ्तारियों में रेहान उर्फ सुक्का, फूल सिंह और ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन के नाम सामने आए। पुलिस के अनुसार इन आरोपियों की सीधी भूमिका फायरिंग की घटना में थी। आरोपियों की तलाश में पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत और दिल्ली समेत कई स्थानों पर छापेमारी की। जाँच एजेंसियों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने हमलावरों तक हथियार पहुँचाने में मदद की। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहाँ से आए, आरोपियों के आपसी संपर्क किस तरह बने और घटना के पीछे संगठित षड्यंत्र कितना गहरा था।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग कनेक्शन

इस मामले में कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब बिश्नोई गैंग पहले भी बॉलीवुड हस्तियों को निशाना बनाने की धमकियों के चलते सुर्खियों में रहा है। गौरतलब है कि मकोका का इस्तेमाल तभी किया जाता है जब पुलिस के पास यह मानने के पर्याप्त आधार हों कि आरोपी किसी संगठित आपराधिक सिंडिकेट का हिस्सा हैं।

आगे क्या होगा

मामले में जाँच अभी जारी है और पुलिस आरोपियों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है। मकोका लागू होने के बाद मामले की सुनवाई एक विशेष अदालत में होगी। अदालती कार्यवाही और आरोप-पत्र दाखिल होने के साथ इस मामले के और पहलू सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक संगठित आपराधिक ढाँचे की कड़ी मानती है। चिंताजनक बात यह है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम अब बॉलीवुड के कई मामलों में सामने आ चुका है, जो सुरक्षा एजेंसियों की उस विफलता को रेखांकित करता है जिसमें गैंग के नेटवर्क को देश के बाहर से संचालित होने के बावजूद प्रभावी ढंग से नहीं तोड़ा जा सका। मकोका का प्रयोग जाँच को तेज़ और आरोपियों को जमानत मिलने से रोकने का औज़ार है, लेकिन असली परीक्षा अदालत में मज़बूत साक्ष्य पेश करने की होगी — जहाँ अतीत में कई हाई-प्रोफाइल मामले कमज़ोर पड़ चुके हैं।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में मकोका क्या है और यह क्यों लगाया गया?
महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका), 1999 एक कड़ा कानून है जो संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्यों पर लागू होता है। मुंबई पुलिस ने सक्षम अधिकारी की मंजूरी मिलने के बाद 27 अक्टूबर को इस मामले के सभी आरोपियों पर मकोका की तीन धाराएं जोड़ीं, क्योंकि जाँच में संगठित आपराधिक गतिविधि के संकेत मिले।
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग कब और कहाँ हुई थी?
फायरिंग 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार टाइगर श्रॉफ एक फुटबॉल क्लब से लौट रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार पर पाँच से छह राउंड गोलियाँ चलाईं।
इस मामले में अब तक कौन-कौन गिरफ्तार हुए हैं?
शुरुआती गिरफ्तारियों में रेहान उर्फ सुक्का, फूल सिंह और ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने इनकी तलाश में हरियाणा के सोनीपत और दिल्ली समेत कई स्थानों पर छापेमारी की थी।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का इस केस से क्या संबंध है?
कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित का नाम इस मामले में सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था, हालाँकि पुलिस इस दावे की पुष्टि की जाँच कर रही है।
मकोका लगने के बाद आगे की कार्रवाई क्या होगी?
मकोका लगने के बाद मामले की सुनवाई एक विशेष अदालत में होगी और आरोपियों के लिए जमानत पाना काफी कठिन हो जाएगा। जाँच अभी जारी है और पुलिस हथियारों के स्रोत, आरोपियों के संपर्क-सूत्र और पूरी साजिश की कड़ियाँ जोड़ने में जुटी है।
राष्ट्र प्रेस
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