क्या तमिलनाडु में 15 फरवरी को फार्मेसियां बंद रहेंगी? ड्रग ट्रैफिकिंग पर पुलिस की नाकामी के खिलाफ केमिस्ट्स की हड़ताल

Click to start listening
क्या तमिलनाडु में 15 फरवरी को फार्मेसियां बंद रहेंगी? ड्रग ट्रैफिकिंग पर पुलिस की नाकामी के खिलाफ केमिस्ट्स की हड़ताल

सारांश

तमिलनाडु के फार्मासिस्टों द्वारा 15 फरवरी को हड़ताल की घोषणा, पुलिस की ड्रग ट्रैफिकिंग में नाकामी पर उठे सवाल। क्या यह हड़ताल बदलाव लाएगी?

Key Takeaways

  • फार्मासिस्टों की हड़ताल 15 फरवरी को होगी।
  • ड्रग ट्रैफिकिंग पर पुलिस की नाकामी पर उठे सवाल।
  • ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर रोक की मांग।
  • भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की आवश्यकता।
  • युवाओं में नशे की लत को बढ़ावा देने की चिंता।

चेन्नई, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के फार्मासिस्ट और ड्रगिस्टों ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए 15 फरवरी को पूरे राज्य में एक दिन की हड़ताल की घोषणा की है।

इस हड़ताल के दौरान सभी फार्मेसियां बंद रहेंगी, जिससे मरीजों के लिए दवाइयों की उपलब्धता पर असर पड़ेगा। यह फैसला नमक्कल में तमिलनाडु केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन (टीएनसीडीए) के राज्य स्तरीय सलाहकार बैठक के बाद किया गया।

एसोसिएशन के राज्य जनरल सेक्रेटरी के.के. सेल्वम ने बैठक के बाद मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा, "हम तमिलनाडु सरकार को सभी प्रकार के टैक्स चुकाते हैं, जिनमें ड्रग लाइसेंस, प्रॉपर्टी टैक्स और कचरा टैक्स शामिल हैं। इसलिए हमें लोकल बॉडीज द्वारा लगाए जाने वाले प्रोफेशनल टैक्स और ट्रेड लाइसेंस से छूट मिलनी चाहिए।" उन्होंने आगे मांग की कि ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट के डायरेक्टर के पद पर केवल फार्मेसी डिग्री धारकों को ही नियुक्त किया जाए।

सेल्वम ने केंद्र और राज्य सरकारों से दर्द निवारक, साइकोट्रॉपिक दवाओं और गर्भ निरोधकों की ऑनलाइन बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा, "ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से इन दवाओं की आसान उपलब्धता युवाओं में नशे की लत को बढ़ावा दे रही है।"

सबसे गंभीर आरोप पुलिस पर लगाया गया। सेल्वम ने कहा, "तमिलनाडु में ड्रग ट्रैफिकिंग तेजी से बढ़ रही है। पुलिस इसे कंट्रोल करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है, जिसके कारण युवा लड़के-लड़कियां नशे की भेंट चढ़ रहे हैं। हम ड्रग कंट्रोल एक्ट का उल्लंघन करते हुए फार्मेसियों में पुलिस द्वारा इंस्पेक्शन की निंदा करते हैं, जबकि ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ठीक से काम नहीं कर रहा।"

उन्होंने तमिलनाडु मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन में दवाओं की खरीद में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया। सेल्वम का दावा है कि मुख्यमंत्री के परिवार के नाम का गलत इस्तेमाल कर कम कीमत वाली दवाओं को ज्यादा कीमत पर खरीदा जा रहा है।

तमिलनाडु में हाल के वर्षों में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी के कई बड़े मामले सामने आए हैं। पुलिस ने कई अंतरराष्ट्रीय गिरोहों को पकड़ा है, लेकिन एसोसिएशन का कहना है कि स्थिति अभी भी गंभीर है। ये मांगें वर्षों से चली आ रही हैं, लेकिन अब हड़ताल के जरिए दबाव बनाने का फैसला लिया गया है।

Point of View

बल्कि यह मुद्दा हमारे समाज में बढ़ते नशे की लत और ड्रग्स के खतरे से भी जुड़ा है। एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमें इस विषय पर गंभीरता से विचार करना होगा।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या फार्मेसियां 15 फरवरी को बंद रहेंगी?
हाँ, तमिलनाडु के फार्मासिस्टों ने 15 फरवरी को एक दिन की हड़ताल का ऐलान किया है।
हड़ताल का मुख्य कारण क्या है?
हड़ताल का मुख्य कारण ड्रग ट्रैफिकिंग पर पुलिस की नाकामी और फार्मासिस्टों के अधिकारों की रक्षा करना है।
क्या इस हड़ताल का असर मरीजों पर पड़ेगा?
जी हाँ, इस हड़ताल के दौरान सभी फार्मेसियां बंद रहेंगी, जिससे मरीजों के लिए दवाइयों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
Nation Press