तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: नामांकन प्रक्रिया के बाद बचे 4,023 उम्मीदवार

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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: नामांकन प्रक्रिया के बाद बचे 4,023 उम्मीदवार

सारांश

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही 4,023 उम्मीदवार चुनावी मैदान में बचे हैं। यह चुनाव विभिन्न प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की उपस्थिति में आयोजित किया जा रहा है।

Key Takeaways

  • 4,023 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
  • मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन कोलाथुर से लड़ रहे हैं।
  • भारी संख्या में नामांकन पत्र दाखिल हुए थे।
  • भ्रष्टाचार रोकने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने पर्यवेक्षकों की तैनाती की है।
  • चुनाव 23 अप्रैल को होगा।

चेन्नई, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कुल 4,023 उम्मीदवार चुनावी दौड़ में शामिल हैं।

30 मार्च को शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया ने जबरदस्त उत्साह का अनुभव किया। चार दिनों में 7,599 नामांकन पत्र प्रस्तुत किए गए। हालांकि, जांच के दौरान लगभग 2,460 नामांकनों को अमान्य या अपूर्ण दस्तावेजों के कारण अस्वीकार कर दिया गया, जिससे उम्मीदवारों की संख्या में काफी कमी आई।

करूर क्षेत्र 79 उम्मीदवारों के साथ सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी बनकर उभरा है, जो एक तीव्र राजनीतिक वातावरण को दर्शाता है। इसके बाद पेरम्बूर में 47, कोलाथुर में 35 और परमाथी-वेलूर में 31 उम्मीदवार हैं।

वहीं, अम्बासमुद्रम में केवल पांच उम्मीदवार हैं, जबकि ऊधगमंडलम, गुडालूर और कुन्नूर में छह-छह उम्मीदवार हैं, जो इन पहाड़ी और दक्षिणी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम प्रतिस्पर्धा को दर्शाते हैं। इस चुनाव में कई प्रमुख राजनीतिक चेहरे भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन कोलाथुर से चुनावी मैदान में हैं, जबकि एआईएडीएमके के नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी एडप्पाडी सीट से पुनः चुनाव लड़ रहे हैं।

अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय, नाम तमिलर काची के प्रमुख सीमान, और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन भी प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं।

डीएमडीके महासचिव प्रेमलता विजयकांत, दुरईमुरुगन, के.एन. नेहरू, ई.वी. वेलू और आई. पेरियासामी जैसे वरिष्ठ मंत्रियों की उपस्थिति मुकाबले को और भी रोमांचक बना देती है।

2021 के विधानसभा चुनावों में 7,255 नामांकन पत्र भरे गए थे, जबकि अंततः 3,998 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। इस साल उम्मीदवारों की संख्या में मामूली वृद्धि राजनीतिक सक्रियता और प्रतिस्पर्धा में वृद्धि का संकेत देती है।

234 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 23 अप्रैल को होगा और मतगणना 4 मई को की जाएगी। स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए, भारत निर्वाचन आयोग ने 176 सामान्य और पुलिस पर्यवेक्षकों के साथ-साथ 150 व्यय पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। ये अधिकारी चुनाव प्रचार गतिविधियों और खर्च पर कड़ी निगरानी रखेंगे ताकि किसी भी प्रकार के उल्लंघन को रोका जा सके और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अखंडता बनी रहे।

Point of View

023 उम्मीदवारों का रहना दर्शाता है कि राजनीतिक गतिविधियाँ सक्रिय हैं। विभिन्न प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की उपस्थिति इस चुनाव को और भी महत्वपूर्ण बनाती है।
NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव कब होंगे?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का मतदान 23 अप्रैल को होगा।
कितने उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं?
इस चुनाव में कुल 4,023 उम्मीदवार मैदान में हैं।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन किस क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं?
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन कोलाथुर से चुनाव लड़ रहे हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने कितने पर्यवेक्षक तैनात किए हैं?
भारत निर्वाचन आयोग ने 176 सामान्य और पुलिस पर्यवेक्षकों के साथ-साथ 150 व्यय पर्यवेक्षकों को तैनात किया है।
क्या इस बार उम्मीदवारों की संख्या बढ़ी है?
हां, इस वर्ष उम्मीदवारों की संख्या में मामूली वृद्धि हुई है।
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