क्या तटरक्षक ने बंगाल की खाड़ी में 2600 किलो सुपारी तस्करी पर रोक लगाई?
सारांश
Key Takeaways
- 2600 किलो सुपारी की तस्करी को रोका गया।
- फ्रेजरगंज स्टेशन द्वारा संदिग्ध नाव जब्त की गई।
- तटरक्षक बल की सक्रियता ने तस्करी के प्रयासों को विफल किया।
- तस्करी का नेटवर्क खोजने की उम्मीद है।
- समुद्री सुरक्षा में तटरक्षक बल की भूमिका महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय तटरक्षक बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बंगाल की खाड़ी में सुपारी की तस्करी को बाधित कर दिया। 22 जनवरी 2026 को, फ्रेजरगंज स्टेशन ने एक मछली पकड़ने वाली नाव को जब्त किया, जिसमें सुपारी (सुपारी/बेटल नट) की तस्करी का संदेह था। इस नाव के मालिक का कोई पता नहीं चला।
नाव की जांच के दौरान उसमें लगभग 2600 किलोग्राम सुपारी बरामद की गई। यह नाव बंगाल की खाड़ी में संदिग्ध स्थिति में मिली थी। भारतीय तटरक्षक बल की निरंतर निगरानी और सतर्कता के कारण यह कार्रवाई संभव हो पाई। नाव को फ्रेजरगंज ले जाया गया, जहां इसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय कोस्टल पुलिस के हवाले कर दिया गया।
यह ऑपरेशन भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और सीमा पार तस्करी के खिलाफ तटरक्षक बल की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सुपारी की तस्करी अक्सर बांग्लादेश से भारत की ओर की जाती है, क्योंकि सुपारी पर कुछ राज्यों में भारी टैक्स या प्रतिबंध होते हैं, जिससे तस्करों को मुनाफा होता है। इस प्रकार की गतिविधियां न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि समुद्री सुरक्षा के लिए भी खतरा बनती हैं।
भारतीय तटरक्षक बल नियमित रूप से समुद्र में गश्त करता है और ऐसी संदिग्ध नावों पर नज़र रखता है। फ्रेजरगंज स्टेशन, जो पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से में स्थित है, बंगाल की खाड़ी के इस इलाके में सक्रियता से कार्य करता है। यहां से बांग्लादेश की सीमा नजदीक होने के कारण तस्करी के प्रयास आम हैं, लेकिन तटरक्षक बल की सजगता से अधिकांश प्रयास विफल हो जाते हैं।
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि भारतीय तटरक्षक बल देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में पूरी तरह मुस्तैद है। वे न केवल मछुआरों की सुरक्षा करते हैं, बल्कि अवैध गतिविधियों पर भी कड़ी नज़र रखते हैं। इस सफलता के बाद आगे की जांच में तस्करी के नेटवर्क का पता लगाने की उम्मीद है। तटरक्षक बल ने अपनी आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की है, ताकि जनता को जागरूक किया जा सके।