क्या तेजस्वी को सीएम चेहरा बनाए जाने पर श्रेयसी सिंह का पलटवार उचित है?

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क्या तेजस्वी को सीएम चेहरा बनाए जाने पर श्रेयसी सिंह का पलटवार उचित है?

सारांश

बिहार में चुनावी महाकुंभ के बीच तेजस्वी यादव को सीएम चेहरे के रूप में पेश करने पर श्रेयसी सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जानिए उन्होंने क्या कहा और बिहार की राजनीति में यह पलटवार कितना महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव को सीएम चेहरे के रूप में पेश करने से महागठबंधन को युवाओं का समर्थन मिल सकता है।
श्रेयसी सिंह का पलटवार विपक्ष की स्थिति को चुनौती देता है।
बिहार में रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो रही है।

जमुई, 23 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में प्रस्तुत किया है। इस पर जमुई की भाजपा प्रत्याशी श्रेयसी सिंह ने गुरुवार को तीखे शब्दों में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को बधाई, लेकिन जब उन्हें पहले 17 महीने का अवसर मिला था, तब उन्होंने बिहार की जनता के लिए क्या किया था?

श्रेयसी सिंह ने जमुई के शाहपुर क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जनता अब वादों और नारों से धोखे में नहीं आएगी, बल्कि विकास और स्थिर नेतृत्व को प्राथमिकता देगी। उन्होंने भरोसा जताया कि 14 नवंबर को मतगणना के बाद पुनः एनडीए की सरकार बिहार में बनेगी।

श्रेयसी ने कहा कि विपक्ष चाहे जितने भी दावे करे, एनडीए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एकजुट है और मजबूती से चुनाव लड़ रहा है। आज भी नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं और कल भी वही रहेंगे। बिहार में एनडीए की सरकार पूर्ण बहुमत से बनेगी।

उन्होंने विपक्ष के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एनडीए के प्रत्याशी किसी भी चुनौती से डरने वाले नहीं हैं। हम सभी मजबूती से मैदान में हैं और विकास की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।

कांग्रेस नेता अशोक गहलोत के बयान पर श्रेयसी ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार रोजगार को लेकर लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि बिहार में पहले 7,000 लैंड बैंक थे, अब यह संख्या 15,000 हो चुकी है। सरकार उद्यमियों को बिहार में निवेश के लिए आमंत्रित कर रही है। 2020 में 10 लाख सरकारी नौकरियां दी गई थीं, जबकि 36 लाख लोगों को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला। हमारा लक्ष्य एक करोड़ रोजगार देने का है।

महागठबंधन द्वारा जीविका दीदियों को स्थायी करने और 30,000 मासिक वेतन देने के वादे पर श्रेयसी ने कहा कि बिहार की महिलाएं अब जागरूक हैं, उन्हें कोई भी लुभा नहीं सकता। महिला सशक्तीकरण के लिए जितना काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया है, उतना किसी ने नहीं किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं भाजपा की श्रेयसी सिंह ने उनकी उपलब्धियों पर सवाल उठाया है। यह स्थिति दर्शाती है कि चुनावी राजनीति में वादों और कार्यों का कितना महत्व है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में पेश करने का क्या महत्व है?
यह महागठबंधन की चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जिससे वे युवा मतदाताओं को आकर्षित करना चाहते हैं।
श्रेयसी सिंह का पलटवार कितना प्रभावी है?
उनका पलटवार यह दर्शाता है कि भाजपा अपने कार्यों को प्रस्तुत करने में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती।
बिहार में रोजगार की स्थिति कैसी है?
सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
राष्ट्र प्रेस
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