10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या तेजस्वी यादव को अपनी हार का एहसास हो चुका है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या तेजस्वी यादव को अपनी हार का एहसास हो चुका है?

सारांश

तेजस्वी यादव की चुनाव बहिष्कार की घोषणा ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। क्या यह उनकी हार का संकेत है? जानें इस पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव ने आगामी चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया।
भाजपा का कहना है कि उन्हें अपनी हार का एहसास हो चुका है।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने तेजस्वी की पहचान पर सवाल उठाए।
बिहार में जाति के नाम पर राजनीति का विरोध किया जाएगा।
सरकार कानून का राज स्थापित करने के लिए काम कर रही है।

पटना, 24 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने मतदाता सूची पुनरीक्षण पर विरोध जताते हुए आगामी बिहार विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है। भाजपा ने कहा है कि तेजस्वी यादव को अपनी हार का एहसास हो चुका है, इसलिए वे इस तरह के बयान दे रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने तेजस्वी यादव के बयान पर राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यदि हम आपके माता-पिता को हटा दें, तो आपकी खुद की व्यक्तिगत पहचान क्या है? आपके माता-पिता बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। आपने जो कुछ भी प्राप्त किया है, वह निश्चित रूप से उनके दम पर है। आपकी अपनी पहचान क्या है? अगर आपके माता-पिता का नाम हटा दिया जाए, तो आप चुनाव में जीत नहीं पाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि आप अनुकंपा के आधार पर राजनीति कर रहे हैं, लेकिन मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जो लोग विधानसभा में अनुकंपा के आधार पर राजनीति नहीं कर रहे हैं, उन पर आपको सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। ये लोग लोकतंत्र के विरोधी हैं और अपने परिवार तंत्र को बढ़ाने के लिए इस तरह की कोशिशें कर रहे हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।

उन्होंने कहा कि आज हमने विधानसभा में कह दिया है कि हम गुंडई की प्रवृत्ति को बिहार में किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे। हमारी सरकार कानून का राज स्थापित करने के लिए काम कर रही है। यदि कोई भी कानून के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डिप्टी सीएम ने कहा कि जब तक हमारी सरकार सत्ता में है, तब तक हम बिहार में जाति के नाम की राजनीति नहीं होने देंगे। जाति के नाम पर राजनीति किसी भी हाल में बिहार के हित में नहीं है। अगर किसी को लगता है कि वह जाति के नाम पर राजनीति करके स्थिति को अपने अनुकूल कर लेगा, तो यह उसकी गलतफहमी है।

बिहार सरकार के मंत्री नीराज कुमार सिंह ने तेजस्वी यादव के चुनाव बहिष्कार के बयान पर कहा कि यह बयान वह आगामी चुनावों की स्थिति को देखते हुए दे रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि वह आने वाले चुनाव में परास्त होने वाले हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक बयानबाजी का एक बड़ा हिस्सा चुनावी रणनीतियों से जुड़ा होता है। तेजस्वी यादव की टिप्पणी और भाजपा का पलटवार, दोनों ही इस बात का संकेत हैं कि बिहार की राजनीति में प्रतिस्पर्धा अधिक तीव्र हो गई है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस्वी यादव ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान क्यों किया?
तेजस्वी यादव ने मतदाता सूची पुनरीक्षण पर आपत्ति जताते हुए चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया है।
भाजपा ने तेजस्वी यादव के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भाजपा का कहना है कि तेजस्वी यादव को अपनी हार का एहसास हो चुका है।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का क्या कहना है?
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि तेजस्वी यादव की पहचान उनके माता-पिता से जुड़ी है और उन्हें अनुकंपा के आधार पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 9 महीने पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले