क्या तेजस्वी यादव को अपनी हार का एहसास हो चुका है?
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पटना, 24 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने मतदाता सूची पुनरीक्षण पर विरोध जताते हुए आगामी बिहार विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है। भाजपा ने कहा है कि तेजस्वी यादव को अपनी हार का एहसास हो चुका है, इसलिए वे इस तरह के बयान दे रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने तेजस्वी यादव के बयान पर राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यदि हम आपके माता-पिता को हटा दें, तो आपकी खुद की व्यक्तिगत पहचान क्या है? आपके माता-पिता बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। आपने जो कुछ भी प्राप्त किया है, वह निश्चित रूप से उनके दम पर है। आपकी अपनी पहचान क्या है? अगर आपके माता-पिता का नाम हटा दिया जाए, तो आप चुनाव में जीत नहीं पाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि आप अनुकंपा के आधार पर राजनीति कर रहे हैं, लेकिन मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जो लोग विधानसभा में अनुकंपा के आधार पर राजनीति नहीं कर रहे हैं, उन पर आपको सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। ये लोग लोकतंत्र के विरोधी हैं और अपने परिवार तंत्र को बढ़ाने के लिए इस तरह की कोशिशें कर रहे हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।
उन्होंने कहा कि आज हमने विधानसभा में कह दिया है कि हम गुंडई की प्रवृत्ति को बिहार में किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे। हमारी सरकार कानून का राज स्थापित करने के लिए काम कर रही है। यदि कोई भी कानून के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि जब तक हमारी सरकार सत्ता में है, तब तक हम बिहार में जाति के नाम की राजनीति नहीं होने देंगे। जाति के नाम पर राजनीति किसी भी हाल में बिहार के हित में नहीं है। अगर किसी को लगता है कि वह जाति के नाम पर राजनीति करके स्थिति को अपने अनुकूल कर लेगा, तो यह उसकी गलतफहमी है।
बिहार सरकार के मंत्री नीराज कुमार सिंह ने तेजस्वी यादव के चुनाव बहिष्कार के बयान पर कहा कि यह बयान वह आगामी चुनावों की स्थिति को देखते हुए दे रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि वह आने वाले चुनाव में परास्त होने वाले हैं।