क्या तेजस्वी यादव की सुरक्षा को कम किया गया है?: रामकृपाल यादव
सारांश
Key Takeaways
- तेजस्वी यादव की सुरक्षा कम की गई है, हटाई नहीं गई।
- सुरक्षा का निर्णय संबंधित अधिकारियों के आकलन पर निर्भर करता है।
- बिहार में एनडीए सरकार की कानून व्यवस्था सुरक्षित है।
- कृषि बाजार का उद्घाटन किसानों के लिए एक नई पहल है।
- कर्पूरी ठाकुर का योगदान प्रेरणादायक है।
पटना, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख तेजस्वी यादव की सुरक्षा को कम करने पर नीतीश कुमार की सरकार आलोचना का सामना कर रही है। विपक्ष का यह आरोप है कि यह कदम बदले की भावना से उठाया गया है।
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने स्पष्ट किया है कि तेजस्वी यादव की सुरक्षा को हटाया नहीं गया है, बल्कि कम किया गया है।
पटना में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए राम कृपाल यादव ने बताया कि सुरक्षा का मामला राज्य और केंद्र के संबंधित अधिकारियों से जुड़ा होता है। ये अधिकारी सुरक्षा का आकलन करते हैं और उसी के आधार पर तय करते हैं कि कितनी सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा हटाई नहीं गई है, बल्कि कम की गई है। संभवतः उनके लिए खतरा कम हो गया है, इसी कारण सुरक्षा को कम किया गया है।
बिहार सरकार की कानून व्यवस्था की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार में सभी नागरिक सुरक्षित हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वे खुद मंत्री हैं और गांधी मैदान भी जाते हैं, लेकिन उनके पास कोई सुरक्षा नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के शासन में सुशासन है और सभी लोग सुरक्षित हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा के साथ समृद्धि यात्रा के दौरान मुजफ्फरपुर में आधुनिक कृषि उत्पादन बाजार का उद्घाटन किया गया। यह केवल एक मंडी नहीं है, बल्कि किसानों को उनकी उपज का उचित और पारदर्शी मूल्य दिलाने का एक सशक्त मंच है। यहां आधुनिक भंडारण, तौल और विपणन की सुविधाएं उपलब्ध हैं। बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने का प्रयास किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार किसानों की आय में वृद्धि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
कर्पूरी ठाकुर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वे एक आदर्श थे, ईमानदार और संघर्ष के प्रतीक थे। वे कई पदों पर रह चुके हैं और नेता प्रतिपक्ष के रूप में भी कार्य किया है। वे हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। हम सभी यदि उनके दिखाए मार्ग पर चलेंगे, तो जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।