28 जुलाई 2026
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क्या झारखंड भाजपा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आदित्य साहू ने पदभार ग्रहण किया?

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क्या झारखंड भाजपा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आदित्य साहू ने पदभार ग्रहण किया?

सारांश

झारखंड भाजपा के नए अध्यक्ष आदित्य साहू ने पदभार ग्रहण करते हुए राज्य में डबल इंजन सरकार का सपना देखा है। उनकी प्राथमिकता संगठन को मजबूत करना और पार्टी के विचारों का प्रसार करना है। उनका कहना है कि कार्यकर्ताओं का समर्थन उनके इस सफर में महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

आदित्य साहू ने २३ जनवरी को पदभार ग्रहण किया।
उन्होंने डबल इंजन सरकार का विश्वास व्यक्त किया।
संगठन को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है।
कार्यकर्ताओं का समर्थन उनके लिए महत्वपूर्ण है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित की।

रांची, २३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के नवनिर्वाचित भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह राज्य पार्टी के लिए उपजाऊ भूमि है और उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य में ‘डबल इंजन’ वाली सरकार का गठन होगा।

इससे पहले, साहू ने सरस्वती पूजा के अवसर पर राज्य भाजपा कार्यालय में पूजा-अर्चना की। पदभार ग्रहण के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसके समर्पित और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं में निहित है।

साहू ने कहा कि इस वसंत पंचमी के शुभ दिन पर, आइए हम सभी झारखंड में सुशासन लाने के लिए प्रयास और संघर्ष करने का संकल्प लें। उन्होंने आगे कहा कि यह निश्चित है कि हम भाजपा के नेतृत्व में एक बार फिर राज्य में एक मजबूत डबल इंजन वाली सरकार का गठन करेंगे।

अपनी प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए, राज्य भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उनका ध्यान संगठन को मजबूत करने और पार्टी की विचारधारा को झारखंड के हर गांव और हर व्यक्ति तक पहुंचाने पर होगा।

साहू ने पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विश्वास और समर्थन के कारण ही उन्हें यह पदोन्नति मिली है।

उन्होंने कहा कि मैंने बूथ स्तर के कार्यकर्ता के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी और आज मुझे प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह भाजपा की संगठनात्मक संस्कृति को दर्शाता है।

साहू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए झारखंड से उनके गहरे जुड़ाव को याद किया। उन्होंने कहा कि नेताजी ने इसी भूमि से ब्रिटिश शासन के विरुद्ध आवाज उठाई थी। आज उन्हें याद करते हुए हमें झारखंड के लिए एक नई पहचान के संघर्ष का संकल्प लेना चाहिए।

विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने साहू के संगठनात्मक अनुभव की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के भीतर व्यापक रूप से काम किया है और बूथ स्तर से ऊपर उठकर उच्च पदों तक पहुंचे हैं। मरांडी ने कहा कि संगठन के साथ उनके लंबे जुड़ाव को देखते हुए उन्हें किसी विशेष मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश पार्टी अध्यक्ष और विधायक दल के नेता की जिम्मेदारियों को अलग-अलग करने से संगठन को अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने में मदद मिलेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आदित्य साहू ने पदभार कब ग्रहण किया?
आदित्य साहू ने २३ जनवरी को पदभार ग्रहण किया।
सरस्वती पूजा का क्या महत्व है?
सरस्वती पूजा का महत्व विद्या और बुद्धि की देवी की पूजा में है, जो भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मनाई।
डबल इंजन सरकार क्या है?
डबल इंजन सरकार का मतलब है कि भाजपा की सरकार केंद्र और राज्य दोनों में हो।
साहू का राजनीतिक सफर कैसे शुरू हुआ?
साहू ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत बूथ स्तर के कार्यकर्ता के रूप में की थी।
बाबूलाल मरांडी ने साहू के बारे में क्या कहा?
बाबूलाल मरांडी ने साहू के संगठनात्मक अनुभव की प्रशंसा की और कहा कि उन्हें विशेष मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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