तेलंगाना सरकार का सोशल मीडिया पर गलत प्रचार रोकने का ऐतिहासिक कदम: सीएम रेवंत रेड्डी
सारांश
Key Takeaways
- सोशल मीडिया पर गलत प्रचार को रोकने के लिए कानून की योजना।
- एक प्लेटफॉर्म स्थापित किया जाएगा शिकायतों के लिए।
- असली पत्रकारों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा।
- महिला पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
- स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका।
हैदराबाद, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार को घोषणा की कि राज्य सरकार सोशल मीडिया को नियंत्रित करने के लिए एक नया कानून लाने की योजना बना रही है।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर आगामी विधानसभा सत्र में चर्चा की जाएगी और सोशल मीडिया पर फैल रहे गलत प्रचार को रोकने के लिए एक प्लेटफॉर्म स्थापित किया जाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में बोलते हुए, उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी खबरों की रिपोर्टिंग के लिए एक तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की खबरों के खिलाफ शिकायत करने के लिए एक प्राधिकरण मौजूद है, लेकिन सोशल मीडिया के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि तेलंगाना सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी और सोशल मीडिया पर झूठी खबरों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए एक उचित मंच तैयार करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असली पत्रकारों और उनके पीछे छिपे व्यापारियों के बीच अंतर करने के लिए एक ऐसा कानून बनाना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि असंतुष्ट तत्वों को पत्रकारिता के नाम पर दुरुपयोग करने से रोकना बेहद जरूरी है।
इस मौके पर कुछ महिला पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान समाचार पत्रों और पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका को याद करते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने 'यंग इंडिया' नामक पत्रिका की शुरुआत की थी और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 'नेशनल हेराल्ड' पत्रिका की स्थापना की थी।
उन्होंने याद दिलाया कि सुरावराम प्रताप रेड्डी ने 'गोलकोंडा' पत्रिका की शुरुआत की थी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इन व्यक्तित्वों ने इस बात को सिद्ध किया कि समाचार पत्रों के माध्यम से युद्ध भी जीते जा सकते हैं।