क्या थाईलैंड-कंबोडिया संघर्ष भारत के लिए चिंता का विषय है?

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क्या थाईलैंड-कंबोडिया संघर्ष भारत के लिए चिंता का विषय है?

सारांश

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा पर बढ़ते संघर्ष के बीच भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वे सीमा क्षेत्रों से दूर रहें। जानें यहां इस स्थिति के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्य बातें

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा संघर्ष बढ़ रहा है।
भारत का दोनों देशों से गहन संबंध है।
भारतीय नागरिकों को यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
सरकारी दूतावासों से सहायता ली जा सकती है।
संघर्ष में 13 लोगों की मौत हो चुकी है।

नई दिल्ली, 26 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा पर संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस तनाव पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

उन्होंने सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि हम कंबोडिया और थाईलैंड के बीच सीमा की स्थिति पर ध्यान दे रहे हैं। भारत के दोनों देशों के साथ गहन और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। हमें विश्वास है कि दोनों पक्ष शत्रुता को समाप्त करने और तनाव को कम करने के लिए कदम उठाएंगे।

उन्होंने आगे कहा कि इस क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिक किसी भी सहायता के लिए हमारे दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। बैंकॉक, थाईलैंड में भारतीय दूतावास की हेल्पलाइन +66 61 881 9218 (व्हाट्सएप कॉल के लिए भी) और नोम पेन्ह, कंबोडिया में भारतीय दूतावास की हेल्पलाइन +855 92 881 676 (व्हाट्सएप कॉल के लिए भी) उपलब्ध हैं।

इससे पहले कंबोडिया में भारत के दूतावास ने भारतीय नागरिकों को सीमा क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह दी थी। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में दूतावास से संपर्क करने को कहा गया है।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर जारी झड़पों के चलते भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे सीमा क्षेत्रों की यात्रा से बचें। किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक नोम पेन्ह स्थित भारतीय दूतावास के नंबर +855 92881676 पर कॉल करें या cons.phnompenh@mea.gov.in पर ईमेल करें।"

कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि सीमा संघर्ष में अब तक कम से कम 13 लोगों की मौत हो चुकी है और 71 अन्य घायल हुए हैं। थाई मीडिया के अनुसार, ये झड़पें लगातार तीसरे दिन शनिवार को तब शुरू हुईं जब कथित तौर पर कंबोडियाई सैनिकों ने थाई सैनिकों पर गोलीबारी की।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि थाईलैंड और कंबोडिया के बीच बढ़ते संघर्ष से भारत की सुरक्षा और नागरिकों की भलाई पर असर पड़ सकता है। हमें इस स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता है और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

थाईलैंड-कंबोडिया सीमा संघर्ष का कारण क्या है?
इस संघर्ष का मुख्य कारण सीमाओं पर विवाद और सैनिकों के बीच गुत्थमगुत्था है।
भारतीय नागरिकों को क्या करना चाहिए?
भारतीय नागरिकों को सीमावर्ती क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
भारत का इस संघर्ष पर क्या रुख है?
भारत दोनों देशों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखना चाहता है और शांति की उम्मीद करता है।
राष्ट्र प्रेस