क्या ठाणे महानगरपालिका चुनाव में कांग्रेस को मिली शून्य सीटें?

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क्या ठाणे महानगरपालिका चुनाव में कांग्रेस को मिली शून्य सीटें?

सारांश

ठाणे में हुए नगर निगम चुनावों में कांग्रेस को मिली शून्य सीटों ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। जिला अध्यक्ष विक्रांत चव्हाण ने इस्तीफा दिया है। जानें, क्या है पूरी कहानी?

मुख्य बातें

कांग्रेस का ठाणे में शून्य पर आउट होना एक बड़ा राजनीतिक झटका है।
जिला अध्यक्ष विक्रांत चव्हाण ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया है।
भाजपा ने स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया है।
शिवसेना ने कुछ प्रमुख केंद्रों पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है।
भविष्य के चुनावों में कांग्रेस को अपनी रणनीति में सुधार करने की आवश्यकता है।

ठाणे, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। बीएमसी का चुनाव महायुति के पक्ष में आया है और उद्धव-राज ठाकरे की जोड़ी यहां पर विफल साबित हुई है। वहीं, मुंबई के निकट ठाणे में कांग्रेस शून्य पर आउट हो गई है, जिसके बाद जिला अध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है。

ठाणे महानगरपालिका में कांग्रेस की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ठाणे शहर के कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत चव्हाण ने अपने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को अपना इस्तीफा प्रस्तुत किया है।

प्रदेश अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में उन्होंने कहा है कि ठाणे नगर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में, मैंने 2026 के नगर निगम चुनाव को पूरी गंभीरता, क्षमता और पार्टी निष्ठा के साथ लड़ा। लेकिन, कांग्रेस पार्टी को पूरे ठाणे नगर निगम क्षेत्र में एक भी सीट नहीं मिली, इसलिए मैं स्वेच्छा से ठाणे नगर जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूं।

उन्होंने यह भी लिखा कि इस चुनाव में गठबंधन की कमी और धन की कमी के कारण उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है। यह मेरा मत है। कांग्रेस पार्टी मेरी वैचारिक पहचान है। मैं भविष्य में हमेशा तत्पर रहूंगा।

इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सबसे सफल पार्टी के रूप में उभरी है, जिसने कई निगमों में स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया या सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। वहीं, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने कुछ प्रमुख केंद्रों पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है।

छत्रपति संभाजीनगर में 115 सदस्यीय नगर निकाय में भाजपा ने 58 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। एआईएमआईएम 33 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 12 सीटें जीतीं, जबकि शिवसेना (यूबीटी) और बहुजन विकास अघाड़ी ने छह और चार सीटें हासिल कीं।

नवी मुंबई में भाजपा ने 111 सदस्यीय नगर निगम में 66 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 42 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी। शिवसेना (यूबीटी) ने दो सीटें और एमएनएस ने एक सीट जीती।

वसई-विरार में बहुजन विकास अघाड़ी ने 115 सीटों में से 71 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की। भाजपा ने शेष 44 सीटें जीतीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्ष को अपने अंदर के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस ने ठाणे में कितनी सीटें जीती?
कांग्रेस ने ठाणे नगर निगम चुनावों में शून्य सीटें जीती हैं।
कौन सा दल सबसे सफल रहा?
भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव में सबसे सफल पार्टी के रूप में उभरी है।
राष्ट्र प्रेस
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