21 अक्टूबर 2026
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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: अमिताभ, आमिर, सलमान के घरों की भी हुई रेकी, कम सुरक्षा वाले सेलेब्रिटी को बनाना था निशाना

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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: अमिताभ, आमिर, सलमान के घरों की भी हुई रेकी, कम सुरक्षा वाले सेलेब्रिटी को बनाना था निशाना

सारांश

टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी महज एक हमला नहीं था — यह एक सुनियोजित जाल था। शूटर्स ने अमिताभ, आमिर, सलमान समेत कई सितारों की रेकी की, पर चुना उसे जो सबसे कम सुरक्षित था। दो बार फुटबॉल ग्राउंड पर आए, दूसरी बार हथियार लेकर। मुंबई की पूरी अंडरवर्ल्ड साजिश अब खुल रही है।

मुख्य बातें

मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में खुलासा: कथित शूटर्स ने अमिताभ बच्चन , आमिर खान , अक्षय कुमार और सलमान खान के घरों की रेकी की।
आरोपियों को निर्देश था कि कम सुरक्षा वाले सेलेब्रिटी को निशाना बनाएँ; ऑटोरिक्शा चालक से मिली जानकारी के बाद टाइगर श्रॉफ चुने गए।
आरोपी 11 अक्टूबर को पहली बार जुहू फुटबॉल ग्राउंड पहुंचे लेकिन टाइगर वहाँ नहीं थे; 18 अक्टूबर को हथियारों के साथ दोबारा आए और फायरिंग की।
हमले में एक विदेशी पिस्टल और एक देशी पिस्टल का इस्तेमाल हुआ; दोनों हथियार भागते समय अज्ञात स्थान पर फेंक दिए गए।
हरियाणा से आए कुछ अन्य लोगों ने भी कथित तौर पर रेकी की और वापस लौट गए; मुंबई पुलिस हरियाणा कनेक्शन की जांच कर रही है।

मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में 21 अक्टूबर 2026 को बड़ा खुलासा हुआ है कि बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी महज एक संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा थी। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कथित शूटर्स ने मुंबई में अमिताभ बच्चन, आमिर खान, अक्षय कुमार और सलमान खान समेत कई बड़े सितारों के घरों की रेकी की थी और उस सेलेब्रिटी को निशाना बनाने की योजना थी जिसकी सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत कमज़ोर हो।

मुख्य घटनाक्रम

मुंबई क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, फायरिंग में संलिप्त कथित आरोपी करीब एक महीने पहले मुंबई पहुंचे थे। शहर में घूमने के लिए उन्होंने अलग-अलग ऑटोरिक्शा चालकों की मदद ली और उनसे बॉलीवुड सितारों के आवासों तक ले जाने का अनुरोध किया। आरोपियों ने कथित तौर पर यह बहाना दिया कि वे सेलेब्रिटी के घरों की तस्वीरें लेना चाहते हैं।

सूत्रों के अनुसार, इन्हीं ऑटोरिक्शा चालकों में से एक ने आरोपियों को जानकारी दी कि अभिनेता टाइगर श्रॉफ हर रविवार को जुहू के एक फुटबॉल ग्राउंड पर फुटबॉल खेलने आते हैं। यह जानकारी मिलते ही आरोपियों ने अपनी योजना पर अमल शुरू किया।

दो प्रयास, दूसरी बार हुई फायरिंग

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पहली बार 11 अक्टूबर को उस फुटबॉल ग्राउंड पर पहुंचे, लेकिन उस दिन टाइगर श्रॉफ वहाँ नहीं आए। इसके बाद आरोपी अगले रविवार, 18 अक्टूबर को दोबारा उसी स्थान पर पहुंचे — इस बार हथियारों के साथ। उसी दौरान टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलीबारी की गई।

यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई में संगठित आपराधिक नेटवर्क द्वारा बॉलीवुड हस्तियों को कथित तौर पर निशाना बनाने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। गौरतलब है कि यह सुनियोजित रेकी किसी एकल अवसरवादी हमले से अलग, एक संगठित आपराधिक साजिश की ओर इशारा करती है।

हरियाणा कनेक्शन और हथियारों का सुराग

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इसी अवधि में हरियाणा से कुछ अन्य लोग भी मुंबई आए थे। उन्होंने भी कथित तौर पर रेकी की और फिर वापस हरियाणा लौट गए। हमले के बाद मुंबई से निकलते समय मुख्य आरोपियों ने कथित तौर पर हमले में इस्तेमाल दोनों हथियार — एक विदेशी पिस्टल और एक देशी पिस्टल — किसी अज्ञात स्थान पर फेंक दिए। सूत्रों के अनुसार, विदेशी पिस्टल का मॉडल और उद्गम स्थान अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

मुंबई पुलिस अब उन हथियारों की तलाश में जुटी है जिन्हें आरोपियों ने फेंके जाने की बात कही जा रही है। इन हथियारों की बरामदगी जांच के लिए अहम कड़ी साबित हो सकती है।

कम सुरक्षा वाले सेलेब्रिटी को बनाना था टारगेट

सूत्रों ने खुलासा किया कि आरोपियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि वे ऐसे सेलेब्रिटी को निशाना बनाएँ जिनके पास कम सुरक्षा हो। इसी वजह से विभिन्न सितारों के घरों और उनकी दिनचर्या की पड़ताल की गई। अमिताभ बच्चन, आमिर खान, अक्षय कुमार और सलमान खान के आवासों तक ऑटोरिक्शा चालकों की मदद से पहुंचा गया, लेकिन अंततः टाइगर श्रॉफ की सुलभ दिनचर्या की जानकारी मिलने के बाद उन्हें ही निशाना बनाया गया।

आगे की जांच और चुनौतियाँ

मुंबई क्राइम ब्रांच अब उन ऑटोरिक्शा चालकों के बयान दर्ज करने में जुटी है जो आरोपियों को सेलेब्रिटी के घरों तक ले गए थे। साथ ही, फेंके गए हथियारों का पता लगाना और हरियाणा कनेक्शन की गहराई से जांच करना पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस मामले के तार जिस आपराधिक नेटवर्क से जुड़े दिख रहे हैं, उसकी पूरी परतें सामने आना अभी बाकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि देश के सबसे प्रसिद्ध चेहरों की दिनचर्या कितनी आसानी से ट्रैक की जा सकती है। गौरतलब है कि 'कम सुरक्षा' को निशाने का मानदंड बनाया जाना यह संकेत देता है कि निशाना व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सांकेतिक था — असली उद्देश्य भय फैलाना हो सकता है। मुंबई पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब हथियारों की बरामदगी और हरियाणा नेटवर्क तक पहुंचना है, अन्यथा इस षड्यंत्र की जड़ें अनदेखी रह जाएंगी।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में क्या खुलासा हुआ है?
मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि कथित शूटर्स ने टाइगर श्रॉफ से पहले अमिताभ बच्चन, आमिर खान, अक्षय कुमार और सलमान खान के घरों की रेकी की थी। आरोपियों को निर्देश था कि वे उस सेलेब्रिटी को निशाना बनाएँ जिसकी सुरक्षा सबसे कमज़ोर हो।
टाइगर श्रॉफ को निशाना क्यों बनाया गया?
सूत्रों के अनुसार, एक ऑटोरिक्शा चालक ने आरोपियों को बताया कि टाइगर श्रॉफ हर रविवार को जुहू के एक फुटबॉल ग्राउंड पर खेलने आते हैं। यह जानकारी मिलने के बाद आरोपियों ने उन्हें ही निशाना बनाने की योजना बनाई क्योंकि उनकी दिनचर्या अपेक्षाकृत सुलभ थी।
फायरिंग की घटना कब और कहाँ हुई?
गोलीबारी 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू स्थित एक फुटबॉल ग्राउंड के पास टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई। आरोपी 11 अक्टूबर को पहले भी वहाँ आए थे लेकिन उस दिन टाइगर श्रॉफ मौजूद नहीं थे।
हमले में कौन से हथियार इस्तेमाल हुए और वे कहाँ हैं?
सूत्रों के अनुसार, हमले में एक विदेशी पिस्टल और एक देशी पिस्टल का इस्तेमाल हुआ। मुंबई छोड़ते समय आरोपियों ने दोनों हथियार किसी अज्ञात स्थान पर फेंक दिए, जिन्हें मुंबई पुलिस अभी तलाश कर रही है।
इस मामले में हरियाणा कनेक्शन क्या है?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसी दौरान हरियाणा से कुछ अन्य लोग भी मुंबई आए थे जिन्होंने कथित तौर पर रेकी की और फिर वापस हरियाणा लौट गए। मुंबई क्राइम ब्रांच इस हरियाणा नेटवर्क की जांच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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