क्या 'तिरंगा' भोजन सेहत के लिए वरदान है?
सारांश
Key Takeaways
- तिरंगा भोजन में विभिन्न रंगों के फल और सब्जियाँ शामिल हैं।
- यह तन और मन दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
- विशेषज्ञों की सलाह अनुसार इसे नियमित रूप से खाना चाहिए।
- चमकीले रंग के फल इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं।
- यह स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक आसान तरीका है।
नई दिल्ली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। २६ जनवरी, यानि गणतंत्र दिवस, लोकतंत्र के मूल्यों और नागरिक अधिकारों को मनाने का एक महत्त्वपूर्ण अवसर है। हमारा राष्ट्रीय ध्वज केसरिया, सफेद और हरे रंगों से बना है। ये रंग न केवल देशभक्ति की भावना को जगाते हैं, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली की प्रेरणा भी देते हैं।
‘तिरंगा’ स्वास्थ्य का प्रतीक हो सकता है। जब हम अपने आहार में रंग-बिरंगे फल और सब्जियों को शामिल करते हैं, तो शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। ये रंग हमें तनाव से दूर रहने, प्रसन्न रहने और अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। इसके साथ ही, यह भी बताते हैं कि संतुलित और पोषण से भरपूर भोजन ही स्वस्थ जीवन की नींव है। किसी भी राष्ट्र के निर्माण में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, और इसके लिए नागरिकों का स्वस्थ रहना अनिवार्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि तिरंगा आहार अपनाने से तन और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं।
तिरंगा भोजन एक सरल, पौष्टिक और संतुलित आहार है, जिसे हर घर में आसानी से उपलब्ध सामग्री से बनाया जा सकता है।
केसरी रंग: दलहन (जैसे चना, राजमा, अरहर), सोया चंक्स या अंडा – ये प्रोटीन का अच्छा स्रोत होते हैं।
सफेद रंग: चावल, रोटी, दही या अन्य दूध उत्पाद – ये ऊर्जा प्रदान करते हैं।
हरा रंग: पालक, मेथी, मूंग की सब्जी, सरसों का साग या अन्य हरी सब्जियां – ये विटामिन और मिनरल्स प्रदान करती हैं।
यह भोजन बच्चों और बड़ों दोनों के लिए लाभकारी है। विशेषज्ञों की सलाह है कि इसे दिन में कम से कम ३ बार बच्चों को और २-३ बार वयस्कों को खाना चाहिए। इससे पोषण संतुलित रहता है और स्वास्थ्य मजबूत होता है।
चमकीले रंग वाले फल विटामिन, मिनरल, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। ये इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं, फ्री रेडिकल्स से कोशिकाओं की रक्षा करते हैं और स्ट्रोक जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करते हैं।
केसरिया (नारंगी) रंग के फल जैसे संतरा, पीच, खुबानी, आम, पपीता और दालें पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इन फलों में विटामिन सी, विटामिन ए और पोटेशियम की भरपूर मात्रा होती है। ये इम्यून सिस्टम को बढ़ावा देते हैं और आंखों की रोशनी में सुधार करते हैं।
सफेद रंग के फल जैसे नारियल, ड्रैगन फ्रूट, नाशपाती, पीयर, पाइनएबेरी और लीची में पोटेशियम, फाइबर, बीटा-ग्लूकेन्स और अन्य पोषक तत्व होते हैं। ये पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं, मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करते हैं, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करते हैं और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। इसके अलावा ये कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से भी बचाव में मदद करते हैं।
हरे रंग के फल या सब्जियां जैसे हरा सेब, अंगूर, नींबू, एवोकाडो और कस्टर्ड एप्पल, हरी पत्तेदार सब्जियां, भिंडी, करेला, परवल आदि में पोटेशियम, विटामिन के और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। ये दिल की सुरक्षा करते हैं, रक्त के थक्के जमने की प्रक्रिया में मदद करते हैं और आंखों तथा हड्डियों-दांतों को मजबूत बनाते हैं। हरी फल-सब्जियां ल्यूटिन, आइसोथियोसाइनेट्स और अन्य तत्वों से शरीर को डिटॉक्स करती हैं, ऊर्जा बढ़ाती हैं और इम्युनिटी को मजबूत करती हैं।
तिरंगा फल और अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। फाइबर युक्त फल खाने से कैंसर का जोखिम कम होता है। यदि शुगर या मोटापे की समस्या है, तो कम कैलोरी और कम प्राकृतिक शर्करा वाले फलों का सेवन करना चाहिए।