त्राटक क्रिया: आंखों की रोशनी बढ़ाने और दिमाग को तेज करने की अद्भुत विधि
सारांश
Key Takeaways
- आंखों की रोशनी में सुधार
- मानसिक स्पष्टता बढ़ाना
- सकारात्मक ऊर्जा का संचार
- आंतरिक ज्योति का प्रज्वलन
- तनाव को कम करना
नई दिल्ली, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान के तेज रफ्तार युग में, अधिकांश व्यक्तियों को तनाव और चिंता का सामना करना पड़ता है।
यह तनाव शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, जिससे आंखों की रोशनी और सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है। इसलिए, एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
इसी दिशा में, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने योग और प्राणायाम को जीवन में शामिल करने के साथ-साथ आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए 'त्राटक क्रिया' का अभ्यास करने की सलाह दी है।
त्राटक क्रिया एक प्राचीन ध्यान पद्धति है, जिसमें व्यक्ति को बिना पलक झपकाए किसी एक बिंदु, दीपक की लौ या अन्य किसी वस्तु को ध्यान से देखना होता है।
मंत्रालय के अनुसार, त्राटक क्रिया न केवल आंखों की रोशनी को बढ़ाती है, बल्कि मानसिक स्पष्टता और स्मृति को भी सुधारती है। नियमित रूप से त्राटक क्रिया करने से अनेक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं।
आंखों की चमक और स्पष्टता: इस क्रिया से आंखें साफ, चमत्कारिक और आकर्षक बनती हैं, जिससे आंखों की रोशनी में वृद्धि होती है।
स्मृति और एकाग्रता का विकास: त्राटक क्रिया व्यक्ति की याददाश्त में सुधार करती है और मन को केन्द्रित करने में मदद करती है, जिससे मस्तिष्क का विकास होता है।
नेत्र विकारों में सहायता: नियमित त्राटक क्रिया से आंखों से संबंधित समस्याएं कम होती हैं, आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और तनाव घटता है।
आंतरिक ज्योति का प्रज्वलन: त्राटक क्रिया से व्यक्ति का आंतरिक ज्योति प्रज्वलित होता है, जिससे आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति में वृद्धि होती है।
सकारात्मक परिवर्तन: त्राटक क्रिया द्वारा शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मकता को दूर किया जाता है, जिससे मन को शांति का अनुभव होता है।
आज्ञाचक्र की सक्रियता: यह मानसिक स्पष्टता को बढ़ाती है, जिससे व्यक्ति बेहतर निर्णय ले पाता है और उसकी दूरदर्शिता में वृद्धि होती है।