क्या त्रिपुरा के सीएम का सांस्कृतिक क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर है?

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क्या त्रिपुरा के सीएम का सांस्कृतिक क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर है?

सारांश

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने स्थानीय प्रतिभाओं के विकास और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने 'संस्कृति हाट' के लिए 50.25 लाख रुपए के अनुदान की घोषणा की। यह हाट स्थानीय सांस्कृतिक समूह द्वारा स्थापित किया गया है और इसका आयोजन सांस्कृतिक प्रेमियों के लिए लाभकारी साबित हुआ है।

मुख्य बातें

स्थानीय प्रतिभाओं का विकास और संरक्षण आवश्यक है।
संस्कृति हाट को 50.25 लाख रुपए का अनुदान दिया गया है।
यह आयोजन आर्थिक और सामाजिक लाभ प्रदान करता है।
महिलाओं के लिए लखपति दीदी योजना का कार्यान्वयन।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आजीविका में सुधार।

अगरतला, 2 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने रविवार को कहा कि स्थानीय प्रतिभाओं को पोषित करने और समृद्ध परंपराओं को संरक्षित करने के लिए राज्य के सांस्कृतिक क्षेत्र को और अधिक विकास की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने पुराने अगरतला ब्लॉक में 'संस्कृति हाट' के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 50.25 लाख रुपए के अनुदान की भी घोषणा की। इस हाट की स्थापना एक स्थानीय सांस्कृतिक समूह ने पश्चिम बंगाल के बोलपुर स्थित शांति निकेतन के प्रसिद्ध सोनाझुरी हाट से प्रेरित होकर की थी।

मुख्यमंत्री पश्चिम त्रिपुरा के नंदननगर के सेन पाड़ा में 'संस्कृति हाट' (सांस्कृतिक प्रदर्शन स्थल) के 100 सप्ताह पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए थे। उन्होंने कहा कि इस अनोखे 'संस्कृति हाट' का आधिकारिक उद्घाटन 10 दिसंबर, 2023 को इसी स्थान पर किया गया था।

उन्होंने कहा कि मुझे भी उस समय यहां आने का सौभाग्य मिला था। मुझे सौवें हाट में फिर से उपस्थित होकर बहुत खुशी हो रही है। सभी बाधाओं को दरकिनार करते हुए आयोजक पिछले 99 हफ्तों से नियमित रूप से इस साप्ताहिक हाट का आयोजन कर रहे हैं। यह एक भी हफ्ते के लिए बंद नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि 'संस्कृति हाट' में आयोजित होने वाली गतिविधियों की इस शृंखला से संस्कृति प्रेमियों को बहुत लाभ हुआ है।

सीएम ने कहा कि अब त्रिपुरा, बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के लोग इस 'संस्कृति हाट' के बारे में जानते हैं। यह एक बहुत ही लोकप्रिय आयोजन बन गया है। इसे देखने के लिए विभिन्न स्थानों से लोग आते हैं। इसे लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया पहले ही देखने को मिल चुकी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने पर जोर दिया है।

उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में 1,00,8000 लखपति दीदी बनाई जा चुकी हैं। लगभग 4,85,000 महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं। यह आय का एक वैकल्पिक स्रोत है। हम देख सकते हैं कि यह सांस्कृतिक बाजार केवल मनोरंजन के लिए ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता के लिए भी है। लगभग 40 से 50 परिवार स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अपने उत्पाद बनाकर और खाद्य पदार्थ बेचकर अपनी आजीविका में सुधार कर पाए हैं। इसके साथ ही, स्थानीय समाज को भी आर्थिक लाभ हो रहा है। इससे सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हममें से कोई भी संस्कृति के बिना जीवित नहीं रह सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इससे स्थानीय समुदायों को भी आर्थिक लाभ होगा। मुख्यमंत्री माणिक साहा का यह कदम निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संस्कृति हाट का उद्देश्य क्या है?
संस्कृति हाट का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को पोषित करना और समृद्ध परंपराओं को संरक्षित करना है।
मुख्यमंत्री ने कितने रुपए का अनुदान दिया?
मुख्यमंत्री ने संस्कृति हाट के विकास के लिए 50.25 लाख रुपए का अनुदान दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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