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यूपी बोर्ड का नया फैसला: 9वीं से 12वीं तक केवल एनसीईआरटी की किताबों से होगी पढ़ाई

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यूपी बोर्ड का नया फैसला: 9वीं से 12वीं तक केवल एनसीईआरटी की किताबों से होगी पढ़ाई

सारांश

यूपी बोर्ड ने कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब सभी स्कूलों में केवल एनसीईआरटी की किताबों का इस्तेमाल होगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। छात्रों ने इस कदम की सराहना की है।

मुख्य बातें

एनसीईआरटी की किताबें अब सभी स्कूलों में पढ़ाई जाएंगी।
एक समान पाठ्यक्रम से पढ़ाई में आसानी होगी।
छात्रों को स्कूल बदलने पर नई किताबें खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी।
एनसीईआरटी की किताबों की कीमत किफायती है।
यह कदम शिक्षा को सुलभ और समान बनाने में मदद करेगा।

लखनऊ, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। यूपी बोर्ड ने कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों की शिक्षा के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। इस निर्णय के अनुसार, अब कक्षा 9, 10, 11 और 12 का पाठ्यक्रम समान होगा और सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में केवल एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जाएंगी।

बोर्ड ने इसे अनिवार्य किया है, ताकि पूरे राज्य में एक समान शैक्षणिक ढांचा लागू किया जा सके।

राष्ट्र प्रेस ने चंदौली में छात्रों से चर्चा की, जहां अधिकांश विद्यार्थियों ने इसे सरकार का एक सकारात्मक कदम बताया।

छात्रों का कहना है कि पहले विभिन्न स्कूलों में अलग-अलग किताबों के कारण दिक्कत होती थी, लेकिन अब एक समान पाठ्यक्रम से उनकी पढ़ाई में आसानी होगी।

एक छात्र ने कहा कि अगर किसी कारणवश स्कूल बदलना पड़े, तो नई किताबें खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी। उसी एनसीईआरटी की किताब से पढ़ाई जारी रखी जा सकेगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।

एक और छात्र ने कहा कि एनसीईआरटी की किताबें न केवल गुणवत्तापूर्ण होती हैं, बल्कि उनकी कीमत भी बहुत सस्ती होती है। ये अन्य किताबों की तुलना में आसानी से उपलब्ध हैं, जिससे सभी वर्ग के छात्रों को लाभ होगा।

एक अन्य विद्यार्थी ने सरकार के इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि एनसीईआरटी की किताबें किसी भी स्टेशनरी की दुकान पर आसानी से मिल जाती हैं और ये भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी बहुत सहायक होती हैं।

साथ ही, एक छात्र ने यह भी बताया कि अधिकांश सहायक (साइड बुक्स) भी एनसीईआरटी को आधार बनाकर तैयार की जाती हैं, जिससे अब पढ़ाई और अधिक सुव्यवस्थित होगी।

यूपी बोर्ड के इस निर्णय को छात्रों ने सकारात्मक रूप से लिया है और इसे पढ़ाई को सरल, सुलभ और एकरूप बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इससे सभी छात्रों को समान अवसर भी मिलेंगे। यह कदम निश्चित रूप से यूपी बोर्ड की शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाएगा।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य होंगी?
हां, यूपी बोर्ड के निर्देश के अनुसार, सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक केवल एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जाएंगी।
छात्रों ने इस निर्णय पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
छात्रों ने इस निर्णय को सकारात्मक रूप से लिया है और इसे पढ़ाई को सरल और सुलभ बनाने का एक बड़ा कदम बताया है।
एनसीईआरटी की किताबों का फायदा क्या है?
एनसीईआरटी की किताबें गुणवत्तापूर्ण और किफायती होती हैं, जो छात्रों के लिए आसानी से उपलब्ध हैं।
क्या यह निर्णय स्कूल बदलने पर भी फायदेमंद होगा?
जी हां, अगर किसी छात्र को स्कूल बदलना पड़ता है, तो उन्हें नई किताबें खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
एनसीईआरटी की किताबें प्रतियोगी परीक्षाओं में कैसे मददगार हैं?
एनसीईआरटी की किताबें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहायक साबित होती हैं, क्योंकि वे पाठ्यक्रम के अनुरूप होती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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