क्या यूपी में कांग्रेस होगी फेल, भाजपा तीसरी बार बनाएगी सरकार?: राज भूषण चौधरी
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस ने 100 दिनों की कार्ययोजना बनाई है।
- भाजपा तीसरी बार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनाने की तैयारी में है।
- राज भूषण चौधरी ने कांग्रेस की योजनाओं पर सवाल उठाए हैं।
- अयोध्या में मांसाहारी भोजन की डिलीवरी पर प्रतिबंध लगाया गया है।
- किसानों की आय में वृद्धि के लिए पीएम मोदी की योजनाएँ सफल रही हैं।
मुजफ्फरपुर, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों में अभी कुछ समय शेष है। फिर भी, कांग्रेस ने पहले से ही अपनी तैयारियों को शुरू कर दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने 100 दिनों की कार्ययोजना तैयार कर ली है।
कांग्रेस की इस योजना पर केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी का कहना है कि भले ही कांग्रेस कितनी भी योजनाएँ बनाए, यूपी में उसकी सफलता मुश्किल है। भाजपा तीसरी बार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनाएगी।
मुजफ्फरपुर में राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान राज भूषण चौधरी ने कहा कि कांग्रेस नए प्रयोग कर रही है। पार्टी सोच रही है कि चूंकि राहुल गांधी विफल हो गए हैं, अब प्रियंका गांधी को आगे लाना चाहिए। लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि देश की जनता ने पहले ही उन्हें और उनके सिद्धांतों को नकार दिया है। कांग्रेस जितने भी नेतृत्व परिवर्तन करे, उससे कुछ नहीं होगा। यूपी में लोग यह तय कर चुके हैं कि योगी सरकार को तीसरी बार लाना है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास ही विकास हुआ है और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया गया है। कांग्रेस भले ही प्रियंका गांधी वाड्रा का जन्मदिन मनाए, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
अयोध्या प्रशासन ने राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में मांसाहारी भोजन की ऑनलाइन होम डिलीवरी पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस पर केंद्रीय राज्य मंत्री से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह आस्था का केंद्र है। वहां इस तरह के भोजन का सेवन करने से दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुँचती है। जो भी आदेश जारी किया गया है, वह स्वागत योग्य है।
केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने मुजफ्फरपुर में बिहार की कृषि और भारत का भविष्य विषय पर आयोजित कार्यक्रम के बारे में बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय, कृषि उपकरणों की उपलब्धता, बीजों की गुणवत्ता में सुधार, कृषि बाजारों एवं कृषि उत्पादों की उचित दर में वृद्धि के रूप में अभूतपूर्व सफलता मिली है जो विकसित भारत के संकल्पों को पूरा करने में सहायक होगी।