क्या यूपी में कृषि विकास को नई दिशा मिलेगी? एसएलएससी की बैठक में 195 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या यूपी में कृषि विकास को नई दिशा मिलेगी? एसएलएससी की बैठक में 195 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत

सारांश

उत्तर प्रदेश में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में एसएलएससी की बैठक में कृषि विकास के लिए 195 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। ये योजनाएं न केवल उत्पादन बढ़ाने में मदद करेंगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ करेंगी। जानिए कैसे ये योजनाएं बदलेंगी यूपी की कृषि तस्वीर।

मुख्य बातें

कृषि विकास कार्यक्रम के तहत 195 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत हुईं।
ये परियोजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेंगी।
प्रमुख सचिव कृषि ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 450 करोड़ रुपये का आउट-ले अनुमोदित किया।

लखनऊ, 14 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित राज्य स्तरीय सैन्क्शनिंग कमेटी (एसएलएससी) की बैठक में राज्य कृषि विकास कार्यक्रम (एसएडीपी) के अंतर्गत विभिन्न जिलों में कृषि, उद्यान, पशुपालन और सहकारिता से संबंधित परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। बैठक में स्वीकृत योजनाओं की कुल अनुमानित लागत लगभग 195 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

मुख्य सचिव गोयल ने कहा कि ये परियोजनाएं न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक होंगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ आधार प्रदान करेंगी। उन्होंने निर्देश दिए कि अनुमोदित परियोजनाओं के सभी कार्य निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे कराए जाएं।

बैठक में कासगंज, बागपत, शामली और भदोही जिलों में उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण भवनों के निर्माण के लिए 18.24 करोड़ रुपए, 326 किसान कल्याण केंद्रों के संचालन के लिए विद्युत व अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास पर 21.03 करोड़ रुपए तथा राज्य कृषि प्रक्षेत्रों की ऊसर एवं अकृषि योग्य भूमि के विकास पर 17.40 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।

इसी क्रम में झांसी और मिर्जापुर जिलों में जल प्रबंधन एवं फसल पद्धतियों के विकास पर 39.08 करोड़ रुपए, भूमि संरक्षण प्रशिक्षण केंद्र मऊरानी (झांसी) में हॉस्टल निर्माण के लिए 5.34 करोड़ रुपए, जैव उर्वरक उत्पादन प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण के लिए 5.17 करोड़ रुपए और लखनऊ में इन-हाउस स्टूडियो निर्माण समेत अन्य कार्यों के लिए 4.36 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।

इसके अलावा कृषि प्रबंध संस्थान रहमानखेड़ा में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए 1.91 करोड़ रुपए, पशुपालन विभाग की परियोजनाओं पर 12.67 करोड़ रुपए तथा उद्यान विभाग के माध्यम से कसया (कुशीनगर) में टिशू कल्चर लैब और अन्य अवसंरचनात्मक कार्यों के लिए 36.15 करोड़ रुपए की परियोजनाएं भी स्वीकृत हुईं।

प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 450 करोड़ रुपए का आउट-ले अनुमोदित है, जबकि 200 करोड़ रुपए की धनराशि बजट में स्वीकृत की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि उनके दीर्घकालिक लाभ मिल सकें।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसएलएससी की बैठक में क्या निर्णय लिए गए?
बैठक में विभिन्न जिलों में कृषि, उद्यान, पशुपालन और सहकारिता से जुड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनकी कुल लागत 195 करोड़ रुपये से अधिक है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्या है?
इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादन को बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
कौन सी प्रमुख परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं?
कासगंज, बागपत, शामली और भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय और मृदा परीक्षण भवनों के निर्माण सहित कई अन्य परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले