राजस्थान: आईओसीएल की पाइपलाइन से पेट्रोलियम चोरी की कोशिश में चार गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- आईओसीएल की पाइपलाइन से चोरी की कोशिश में चार आरोपी गिरफ्तार।
- पाइपलाइन में छेद करके पेट्रोलियम उत्पाद निकालने का प्रयास।
- जांच में तकनीकी सबूतों का उपयोग किया गया।
- आग लगने का गंभीर खतरा था।
- कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सख्ती आवश्यक।
जयपुर, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की शिकायत के आधार पर राजस्थान स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने आईओसीएल की केजेपीपीएल (केएसपीएल) पाइपलाइन से पेट्रोलियम उत्पाद चुराने के प्रयास से जुड़े एक मामले को सफलतापूर्वक सुलझाया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक कथित मास्टरमाइंड भी शामिल है।
जयपुर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि यह चोरी का प्रयास अगस्त 2023 में पाली जिले के सेंदड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के रामगढ़ गांव में किया गया था। मामला 5 अगस्त 2023 को जयपुर के एसओजी पुलिस थाने में दर्ज किया गया था, जिसमें आईओसीएल, ब्यावर के प्रबंधक शेर सिंह चौहान ने शिकायत की थी।
शिकायत में कहा गया है कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने पेट्रोलियम उत्पाद निकालने के उद्देश्य से आईओसीएल की पाइपलाइन पर वेल्डिंग करके एक वाल्व और फ्लैंज पाइप लगाकर पाइपलाइन में छेद किया था। चूंकि इस पाइपलाइन से अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ प्रवाहित होते हैं, इसलिए इससे आग लगने और बड़ी दुर्घटना का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, डीआईजी (एसओजी) पेरिस देशमुख की देखरेख में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसओजी यूनिट, अजमेर) श्याम सुंदर बिश्नोई के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। जांच के दौरान, एफएसएल की एक टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया, बीटीएस डेटा सहित तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया और स्थानीय गवाहों से पूछताछ की गई।
तकनीकी और मानव खुफिया जानकारी के आधार पर, इस साजिश में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया। इस घटना में शामिल अहमदाबाद (गुजरात) के एक अन्य आरोपी पंकज वाघेला को गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी हैं, जिस पर आरोप है कि उसने पाइपलाइन में छेद करने का तकनीकी कार्य किया था।
पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि मुख्य आरोपी जितेंद्र सिंह रावत ने अपने साथियों देवेंद्र सिंह, प्रेम सिंह और प्रताप शेर सिंह के साथ मिलकर पाइपलाइन पर एक वाल्व लगाकर पेट्रोलियम उत्पाद चुराने की योजना बनाई थी। चूंकि उनके पास तकनीकी जानकारी की कमी थी, इसलिए उन्होंने पंकज वाघेला से संपर्क किया, जिसे इस तरह के अपराधों का पहले से अनुभव था।
वाघेला ने कथित तौर पर रामगढ़ में एक खेत में विशेष औजारों का उपयोग करके पाइपलाइन में छेद किया और एक वाल्व लगाया।
पेट्रोलियम को पास में खड़े एक टैंकर में डालने के लिए वाल्व से एक पाइप जोड़ा गया था। इसके बाद आरोपियों ने पकड़े जाने से बचने के लिए वाल्व को मिट्टी से ढक दिया और खेत की जुताई कर दी।
हालांकि, पाइपलाइन में बहाव कम होने के कारण पेट्रोलियम निकालने की उनकी कोशिश नाकाम रही। टैंकर को हटाने की कोशिश के दौरान वह दलदली जमीन में फंस गया, जिससे खेत की ऊपरी सतह पर गड़बड़ी स्पष्ट दिखाई देने लगी, जिसने बाद में संदेह पैदा किया।
आखिरकार आईओसीएल के कर्मचारियों द्वारा नियमित जांच के दौरान इस छेड़छाड़ का पता चला, जिसके बाद आरोपी अपने घरों से फरार हो गए।
गिरफ्तार किए गए लोगों में जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू महाराज (31), देवेन्द्र सिंह (32), प्रताप शेर सिंह उर्फ शेरू (36) और प्रेम सिंह (48) शामिल हैं।
एडीजी बंसल ने कहा कि आरोपियों में से एक प्रेम सिंह रावत पर पहले पांच आपराधिक मामलों में आरोप पत्र दायर किया गया है, जिनमें दो पेट्रोलियम चोरी से संबंधित हैं। आगे की जांच जारी है।