क्या उत्तम नगर में पुलिस ने अवैध शराब सप्लायर राजू कश्यप को पकड़ा?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली में पुलिस ने अवैध शराब सप्लाई पर कड़ा रुख अपनाया है।
- राजू कश्यप को पहले से ही अपराधी घोषित किया गया था।
- गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की।
- सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
- अवैध शराब के खिलाफ सख्त कदम उठाना आवश्यक है।
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली एनसीआर में सड़क अपराध और अवैध शराब सप्लाई पर अंकुश लगाने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम निरंतर प्रयासरत है। इसी संदर्भ में, इंस्पेक्टर अक्षय गहलोत, डब्ल्यूआर-II, क्राइम ब्रांच की टीम ने राजू कश्यप, उम्र 28 वर्ष, निवासी उत्तम नगर, नई दिल्ली को गिरफ्तार किया है।
राजू कश्यपदिल्ली एक्साइज एक्ट के अंतर्गत उद्घोषित अपराधी (पीओ) घोषित किया गया था। इसके अलावा, उसके खिलाफ एफआईआर नंबर 474/2019, थाना कपासहरा, दिल्ली के तहत 279/337 आईपीसी और 33/58 दिल्ली एक्साइज एक्ट में गैर-जमानती वारंट भी जारी था।
टीम डब्ल्यूआर-II को गुप्त सूचना मिली थी कि राजू कश्यप अवैध शराब सप्लाई के लिए अपने किसी मित्र से मिलने उत्तम नगर क्षेत्र में आने वाला है। हर्ष इंदोरा (आईपीएस), डीसीपी/क्राइम ब्रांच ने इंस्पेक्टर अक्षय गहलोत के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया, जिसमें हेड कांस्टेबल सुशील, संदीप और संजीत शामिल थे। यह सब राजपाल डबास, एसीपी/डब्ल्यूआर-II की कड़ी निगरानी में किया गया, ताकि आरोपी को पकड़ा जा सके। टीम ने उत्तम नगर के डीडीए पार्क, हास्तसल में गुप्त रूप से जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी पार्क में पहुंचा और भागने की कोशिश की, टीम ने उसे पकड़ लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के गांव गटिकहेड़ा का निवासी है। उसने सरकारी स्कूल से केवल कक्षा पांच तक पढ़ाई की। 2012 में वह अपने परिवार के साथ शिव विहार, उत्तम नगर में शिफ्ट हो गया। परिवार में उसके माता-पिता और तीन भाई हैं। उसके पिता का 2018 में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वर्तमान में उसकी मां और दो भाई मंगोलपुरी में किराए पर रहते हैं, जबकि वह स्वयं शिव विहार, उत्तम नगर में अकेले किराए पर रहता है।
आर्थिक तंगी के कारण 2017 में वह नशे का आदी हो गया। अपनी इस आदत को पूरा करने के लिए उसने अवैध शराब सप्लाई शुरू कर दी। इसी कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और एफआईआर नंबर 613/2021 दर्ज की। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने फिर वही गतिविधियां शुरू कर दी और अदालत की कार्रवाई से बचने के लिए लगातार जगह बदलकर छुपता रहा। इसी वजह से उसे कोर्ट ने भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया।