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क्या वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा से चमकेगा?

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क्या वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा से चमकेगा?

सारांश

वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन अब सौर ऊर्जा के जरिए हरित बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है। इससे न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा। जानें इस परियोजना के बारे में और इसके प्रभाव के बारे में।

मुख्य बातें

700 किलोवाट क्षमता के 2,800 सौर पैनल लगाए जाएंगे।
परियोजना से बिजली की बचत होगी।
इससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
भारत में सौर ऊर्जा का विस्तार हो रहा है।
2025 तक स्थायी ऊर्जा की संभावना।

वाराणसी, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन अब हरित ऊर्जा के रास्ते पर अग्रसर है और वर्ष के अंत तक इसका पूरा परिसर सौर ऊर्जा से रोशन होगा।

रेलवे अधिकारियों ने कैंट रेलवे स्टेशन पर 700 किलोवाट क्षमता के 2,800 सौर पैनल लगाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। यह सुविधा चालू होने पर न केवल बिजली की बचत करेगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन में भी एक नई मिसाल कायम करेगी, जिससे पर्यावरण की रक्षा होगी।

बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (बीएलडब्ल्यू) ने हाल ही में रेलवे पटरियों के बीच अलग किए जा सकने वाले सौर पैनल लगाने का कार्य प्रारंभ किया है, जो देश का पहला ऐसा प्रयास है।

चूंकि वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा क्षेत्र है, इस अनोखे प्रयोग ने न केवल लोगों का ध्यान आकर्षित किया है, बल्कि रेलवे अधिकारियों का भी।

कई रेलवे अधिकारियों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इस पहल से बिजली की लागत में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के निदेशक अर्पित गुप्ता ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि इस परियोजना की शुरुआत 2016 में हुई थी, लेकिन स्टेशन के पुनर्निर्माण कार्य के कारण इसे रोक दिया गया था। अब सौर ऊर्जा से स्टेशन को सुसज्जित करने के लिए नई तैयारियां की जा रही हैं।

उन्होंने कहा, "2016-17 में वाराणसी स्टेशन पर लगभग 1 मेगावाट क्षमता के सौर पैनल लगाए गए थे, लेकिन 2023 में पुनर्निर्माण के दौरान, नए प्लेटफॉर्म बनने के कारण उन्हें हटा दिया गया।"

उन्होंने आगे कहा, "सितंबर 2025 तक यह स्थापना पूरी हो जाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे प्रतिदिन लगभग 700 किलोवाट बिजली की बचत होगी, और वह भी पूरी तरह से सौर ऊर्जा से।"

आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, भारतीय रेलवे ने फरवरी 2025 तक 2,249 स्टेशनों और सेवा भवनों पर 209 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित किए हैं।

वर्तमान में, राजस्थान सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक 275 सौर ऊर्जा संयंत्रों के साथ सौर ऊर्जा विस्तार में अग्रणी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना महत्वपूर्ण है कि वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन की यह पहल न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी पर्यावरण संरक्षण के लिए एक सकारात्मक कदम है। सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना हमारे देश के लिए एक आवश्यक कदम है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर सौर पैनल कब लगाए जाएंगे?
सौर पैनल लगाने का कार्य पहले से ही शुरू हो चुका है और यह सितंबर 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है।
इस परियोजना का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस परियोजना से बिजली की बचत होगी और यह स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
क्या यह भारत में पहला ऐसा प्रयास है?
जी हां, रेलवे पटरियों के बीच सौर पैनल लगाने का यह देश का पहला प्रयास है।
राष्ट्र प्रेस
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