क्या वाइब्रेंट गुजरात में उद्योगपतियों ने भारत की सराहना की? राजकोट चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ने सौभाग्य बताया
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात वाइब्रेंट सम्मेलन का उद्देश्य व्यापारिक सहयोग बढ़ाना है।
- उद्योगपतियों ने भारत की व्यापारिक नीतियों की सराहना की।
- पीएम मोदी का नेतृत्व महत्वपूर्ण है।
- राजकोट और सौराष्ट्र के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का भारत में विश्वास बढ़ा है।
राजकोट, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के राजकोट में क्षेत्रीय सम्मेलन गुजरात वाइब्रेंट का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर देश-विदेश के उद्योगपतियों और विदेशी प्रतिनिधियों ने भारत द्वारा किए जा रहे व्यापारिक सहयोग की सराहना की।
राजकोट चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष वी. पी. वैष्णव ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "राजकोट और सौराष्ट्र भाग्यशाली हैं कि 2003 में वाइब्रेंट गुजरात की शुरुआत हुई और 2025 में इसे चार क्षेत्रों में विस्तारित करने पर राजकोट को प्राथमिकता दी गई। मैं इसके लिए पीएम मोदी का दिल से धन्यवाद करता हूं। रीजनल वाइब्रेंट समिट से राजकोट, गुजरात और सौराष्ट्र को काफी लाभ होगा।"
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वाइब्रेंट रीजनल समिट का उद्घाटन राज्य के श्रमिकों और राजकोट के लिए एक अद्भुत अवसर है। बिजनेस के संदर्भ में, इससे कई नए रास्ते खुलेंगे। एमएसएमई और छोटे व्यवसाय जो गांधीनगर समिट में भाग नहीं ले पाए थे, अब सीधे राजकोट आएंगे।"
वहीं, संगय क्रिएशन की फाउंडर, संगय वांगमो ने कहा, "मैं भूटान से हूं। मैं खिलौने सहित हाथ से बनी चीजें बनाती हूं। मैंने गुजरात के बिजनेस माहौल के बारे में ऑनलाइन रिसर्च की थी और मैं बहुत प्रभावित हुई। लेकिन इसे खुद देखने पर मेरी उम्मीदों से कहीं ज्यादा अच्छा लगा। जिस तरह से प्रोडक्ट्स बनाए जाते हैं, उनकी मार्केटिंग की जाती है, और भारत में बने सामान की गुणवत्ता कमाल की है।"
ज्ञात हो कि पीएम मोदी ने रविवार को राजकोट के मारवाड़ी विश्वविद्यालय से ‘विकसित गुजरात से विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने वाली ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस: कच्छ एवं सौराष्ट्र’ और पांच दिवसीय बिजनेस एग्जीबिशन का गरिमापूर्ण शुभारंभ किया।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित भी किया। समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी और मुख्य सचिव एमके दास समेत कई लोग उपस्थित रहे।